Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
NEET पेपर लीक पर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव का अनोखा प्रदर्शन, सिर पर पट्टी और हाथ में लाठी लेकर पहुं... 'NEET के छात्रों से ऐंठे जाते हैं ₹1.32 लाख करोड़'; सार्वजनिक परीक्षा विधेयक 2026 पर बहस के दौरान प्... शिर्डी में गुरु पूर्णिमा उत्सव का आगाज! MP और गुजरात के भक्तों ने बाबा के चरणों में न्यौछावर किए लाख... दिल्ली में महिलाओं को हर महीने मिलेंगे ₹2500! 'लक्ष्मी योजना' को कैबिनेट की मंजूरी, रक्षाबंधन पर आएग... सिर में नक्सलियों की गोली फंसी होने के बाद भी रोज लगा रहे 10 KM दौड़, पढ़ें हॉक फोर्स के जांबाज शिवक... फतेहपुर के सर्वोदय इंटर कॉलेज में छात्रों का हंगामा! बिजली, शौचालय व पेयजल की मांग को लेकर सड़क पर उ... IIT दिल्ली से घर बैठे सीखें AI और डेटा साइंस! सर्टिफिकेट प्रोग्राम के लिए आवेदन शुरू, जानें अप्लाई क... मसूरी-देहरादून मार्ग पर भारी भूस्खलन! मैगी पॉइंट के पास रेस्टोरेंट हुआ क्षतिग्रस्त, घंटों ठप रहा ट्र... छात्र प्रदर्शनों पर लाठीचार्ज मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश! निर्दोषों को तुरंत रिहा करने के ... मंथली एक्सपायरी के दबाव में बाजार में सुस्ती, मामूली गिरावट से निवेशकों के डूबे ₹1.10 लाख करोड़

दो भारतीय कंपनियों का स्टारलिंक से अचानक जुड़ाव पर सवाल

यह साझेदारी राष्ट्रीय सुरक्षा का सवाल हैः कांग्रेस

  • दोनों कंपनियों को किसने राजी किया है

  • अंतिम नियंत्रण किसके पास होगा तय हो

  • कारगिल में जीपीएस का धोखा इतिहास है

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक के साथ दो बड़ी भारतीय कंपनियों को मात्र बारह घंटे के भीतर जुड़ जाना अब राजनीतिक बहस का विषय बन रहा है। कांग्रेस ने कहा है कि दूर संचार सेवा प्रदाता एयरटेल तथा जिओ के साथ अमेरिकी कंपनी स्टारलिंक की साझेदारी का समझौता 12 घंटे के भीतर सुलझा है और इसमे देश की सुरक्षा का सवाल भी शामिल है इसलिए इससे जुड़ी चिंता का समाधान आवश्यक है।

कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने गुरुवार को एक बयान में कहा सिर्फ 12 घंटे के भीतर एयरटेल और जियो ने स्टारलिंक के साथ साझेदारी की घोषणा की है, ऐसा लगता है कि भारत में इसके प्रवेश पर उनकी सभी आपत्तियों पर सहमति बनने के बाद यह सब हुआ है। अपनी आपत्तियों को लेकर स्टारलिंक काफी समय से आवाज उठा रहा था।

उन्होंने कहा यह पूरी तरह से स्पष्ट है कि इन साझेदारियों को किसी और ने नहीं बल्कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्टारलिंक के मालिक एलन मस्क के माध्यम से राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ सद्भाव बनाये रखने के लिए सबको तैयार किया है लेकिन कई सवाल बने हुए हैं। शायद सबसे महत्वपूर्ण सवाल राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है।

राष्ट्रीय सुरक्षा की मांग होने पर कनेक्टिविटी को चालू या बंद करने का अधिकार किसके पास होगा। क्या यह स्टारलिंक होगा या इसके भारतीय साझेदा। क्या अन्य उपग्रह-आधारित कनेक्टिविटी प्रदाताओं को भी अनुमति दी जाएगी और किस आधार पर। कांग्रेस नेता ने कहा कि इन सब स्थितियो में जाहिर है, भारत में टेस्ला के निर्माण का बहुत बड़ा सवाल बना हुआ है। क्या अब इसके लिए कोई प्रतिबद्धता है क्योंकि स्टारलिंक के भारत में प्रवेश की सुविधा मिल गई है।

कांग्रेस की इस चिंता के साथ साथ रक्षा विशेषज्ञ भी इस घटनाक्रम को लेकर चिंतित हैं। दरअसल इसके पीछे कारगिल युद्ध का इतिहास है, जहां पर अमेरिका ने भारत को जीपीएस की सुविधा नहीं दी थी। इस वजह से कारगिल के इलाके में जबरन कब्जा किये बैठी पाकिस्तानी सेना को मार भगाने में भारतीय सेना को काफी अधिक नुकसान उठाना पड़ा था। अब इंटरनेट पर एलन मस्क का एकाधिकार भी भारतीय सूचना व्यवस्था की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े कर रहा है।