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पूर्व सीडीएस चौहान के ऑपरेशन सिंदूर के बयान पर सवाल उठे

इस मौके पर अचानक से ऐसी सफाई क्योः कांग्रेस

अचानक से चीन के पक्ष में बयान

पहले इसके उलट दलील दी गयी थी

एक और सेनाधिकारी ने कुछ और कहा

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः कांग्रेस पार्टी ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन और पाकिस्तान की सैन्य सांठगांठ को लेकर देश के पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान के हालिया बयानों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने केंद्र सरकार से पूछा है कि क्या चीन को लेकर भारत के रुख और आख्यान को बदलने की किसी गहरी योजना के तहत ऐसे बयान दिए जा रहे हैं।

यह पूरा राजनीतिक विवाद जनरल चौहान के उस वक्तव्य के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को मिले चीनी समर्थन को महज व्यावसायिक और संविदात्मक दायित्व बताया। पूर्व सीडीएस ने कहा कि पाकिस्तान के पास मौजूद 70 से 80 प्रतिशत सैन्य उपकरण चीनी मूल के हैं, और उपकरणों के रखरखाव के लिए ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स के कर्मचारियों का वहां मौजूद होना एक सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने उपग्रह तस्वीरों के आदान-प्रदान को भी व्यावसायिक रूप से सुलभ बताया।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पूर्व सीडीएस चौहान के बयान और वर्ष 2025 में थल सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह के बयान की तुलना करते हुए एक वीडियो साझा किया। रमेश ने कहा कि जुलाई 2025 में लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह ने साफ बताया था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन ने पाकिस्तान को लाइव सैटेलाइट डेटा, रक्षा सामग्री और सामरिक सहायता देकर भारत के खिलाफ सीधी भूमिका निभाई थी तथा इस संघर्ष को अपनी प्रयोगशाला  की तरह इस्तेमाल किया था।

जयराम रमेश ने सवाल किया कि सेना के दो शीर्ष अधिकारियों के बयानों में इतना बड़ा विरोधाभास क्यों है? उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार चीन के साथ बड़े व्यापार घाटे और सीमा विवाद के बीच चीन के प्रति नरम रुख अपना रही है और पूर्व सीडीएस का यह बयान उसी आख्यान को बदलने का प्रयास हो सकता है।