प्रतिस्पर्धा की होड़ में मजबूत वापसी की तैयारी में बीएसएनएल
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः पिछले कुछ वर्षों में देश में ब्रॉडबैंड का उपयोग काफी बढ़ गया है। जिसके कारण लैंडलाइन टेलीफोन की मांग कई गुना बढ़ गई है। और यही कारण है कि आठ अंकों वाली संख्या अब कम हो गई है। इसलिए इस बार दूरसंचार नियामक ट्राई ने 10 अंकों का लैंडलाइन नंबर देने की सिफारिश की। अब आठ अंकों वाले फोन नंबर का उपयोग किया जाता है।
ट्राई ने कहा है कि यदि 10 अंकों का नंबर शुरू किया जाए तो अधिक कनेक्शन उपलब्ध कराए जा सकेंगे। इसके अलावा, ट्राई ने सुझाव दिया है कि किसी सर्किल के अप्रयुक्त लैंडलाइन नंबरों का पुनः उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा, लैंडलाइन से मोबाइल पर कॉल करते समय नंबर से पहले ‘0’ लिखने वाले नियम को हटाने की सिफारिश की गई है।
नियामक के अनुसार, इससे लैंडलाइन सेवाएं समग्र रूप से अधिक कुशल हो जाएंगी। दूरसंचार विभाग द्वारा इन सभी मुद्दों पर अंतिम निर्णय लेने और अपनी स्थिति बताने के बाद कंपनियों को छह महीने के भीतर नए नियमों को लागू करना होगा।
वहीं, नियमों के मुताबिक, अगर किसी मोबाइल या लैंडलाइन नंबर का लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं किया जाता है तो उसकी सेवा समाप्त कर दी जाती है। यह सिफारिश की गई है कि उस नियम को भी बदला जाए। वर्तमान में, यदि रिचार्ज योजना समाप्त हो जाती है या वैधता अवधि या बिल भुगतान के बाद 90 दिनों तक संबंधित नंबर का उपयोग या टॉप-अप नहीं किया जाता है, तो उसे समाप्त कर दिया जाता है।
ट्राई के अनुसार, इस मामले में 90 दिनों के बाद अगले 365 दिनों के लिए सेवा बंद कर दी जानी चाहिए। एक बार बंद होने के बाद, उस नंबर पर सेवा 90 दिनों के भीतर बहाल नहीं की जानी चाहिए। इसके बीच ही टाटा के साथ समझौता कर बीएसएनएन अपने प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी टक्कर देने की तैयारी में जुट गया है। अधिक व्यापक आधारभूत संरचना की वजह से उसकी पहुंच हमेशा से दूसरी कंपनियों से ज्यादा बेहतर रही है। लिहाजा इसका बीएसएनएल को ज्यादा लाभ भी हो सकता है।