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Anant Ambani Guruvayur Visit: अनंत अंबानी ने गुरुवायुर मंदिर में किया करोड़ों का दान, हाथियों के लिए बनेगा अस्पताल; वंतारा (Vantara) के तहत बड़ी पहल

देश के मशहूर उद्योगपति मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी ने पवित्र गुरुवायुर मंदिर का दौरा कर भगवान गुरुवायुरप्पन के दर्शन किए और भारत की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. इस अवसर पर उन्होंने मंदिर को ₹6 करोड़ का दान दिया. राजराजेश्वरम मंदिर के ऐतिहासिक पूर्व गोपुरम के पुनर्स्थापन के लिए भी अलग से ₹12 करोड़ देने का संकल्प लिया.

इस दौरान मंदिर प्रशासन द्वारा अनंत अंबानी का स्वागत किया गया. स्वागत समारोह में देवस्वोम अध्यक्ष टी. पी. विनोद कुमार, कार्यकारी अधिकारी के. पी. विनयन, मुख्य पुजारी ई. पी. कुबेरन नंबूथिरी और देवस्वोम बोर्ड के अन्य सदस्य उपस्थित रहे. धार्मिक अनुष्ठानों के तहत उन्होंने पोनुमकुडम, पट्टम, थाली, नेय्यमृतु जैसी पारंपरिक भेंट अर्पित कीं. पवित्र अश्वमेधा नमस्कारम भी किया, जो प्राचीन मंदिर परंपराओं के प्रति उनकी गहरी आस्था को दर्शाता है.

हाथियों के कल्याण के लिए पहल

मंदिर में योगदान के साथ-साथ अनंत अंबानी ने गुरुवायुर में हाथियों के कल्याण के लिए एक व्यापक पहल की भी घोषणा की. इस योजना में एक समर्पित हाथी अस्पताल, बिना जंजीर वाले आश्रय स्थल और आधुनिक, मानवीय देखभाल सुविधाओं का विकास शामिल है, ताकि मंदिर के हाथियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके. यह पहल उनके वंतारा के माध्यम से चल रहे कार्यों के अनुरूप है.

पशुओं की देखभाल गरिमा

इस अवसर पर उन्होंने कहा- भारत की आध्यात्मिक परंपराएं केवल पूजा स्थल नहीं हैं, बल्कि वे जीवंत संस्थाएं हैं जो आस्था, समुदाय, करुणा और प्रकृति के साथ हमारे गहरे संबंध को सुदृढ़ करती हैं. इस पवित्र विरासत को भविष्य की पीढ़ियों के लिए संरक्षित और सशक्त बनाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है. इन पहलों और वंतारा के माध्यम से हम विनम्रता के साथ सेवा करना चाहते हैं,

उन्होंने कहा कि भक्तों के अनुभव को बेहतर बनाते हुए और यह सुनिश्चित करते हुए कि हमारी परंपराओं का अभिन्न हिस्सा रहे पशुओं की देखभाल गरिमा, करुणा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ की जाए.