Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
गिरिडीह में सीएम हेमंत सोरेन का पुतला दहन पर संग्राम: प्रशासन ने छीना पुतला, भाजपा नेताओं से तीखी नो... सरायकेला में सनसनीखेज दोहरा हत्याकांड: 20 अगस्त से अगवा दो युवकों के शव वन विभाग की जमीन से बरामद, 2... छात्रों पर लाठीचार्ज पर भड़के पूर्व सीएम चंपई सोरेन: हेमंत सरकार पर साधा निशाना, JPSC-JSSC धांधली की... रांची में सीएम हेमंत सोरेन का पुतला दहन पर खूनी झड़प: 3 एफआईआर दर्ज, 14 नामजद आरोपियों पर एक्शन फर्जी ट्रांसफर कांड: BMO की शिकायत पर पलारी पुलिस का कड़ा एक्शन, करण देवांगन समेत 4 के खिलाफ गंभीर ध... धमतरी के मगरलोड में जमीन फर्जीवाड़े का भंडाफोड़: मृतक की जमीन बेचकर ₹40 लाख ठगने वाले 2 गिरफ्तार बलौदाबाजार-भाटापारा में जल्द खुलेगा केंद्रीय विद्यालय: केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने दिया सकारात्... बिलासपुर में फरिश्ते बने तीन युवक: उफनती लीलागर नदी में बाइक समेत बहे दो दोस्तों की बचाई जान, बलरामपुर में भाजपा महिला मोर्चा का सावन उत्सव: बारिश में झूमीं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, पारंपरिक खेल... कोरबा में दिल दहला देने वाला हादसा: बाड़ी में खेलते समय खुले कुएं में गिरा 3 साल का मासूम, डूबने से ...

लोगों का सेबी पर से भरोसा घटा हैः राहुल गांधी

केंद्र सरकार की चुप्पी के बाद भी नेता प्रतिपक्ष हमलावर

  • वीडियो में विस्तार से मुद्दों पर चर्चा की है

  • यहां भी एकाधिकार को बढ़ावा दिया

  • पवन खेडा और सुचेता दलाल से चर्चा

राष्ट्रीय खबर

नयी दिल्लीः कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की विश्वसनीयता को इसकी प्रमुख माधवी बुच के कारण धक्का लग रहा है और इसकी वास्तविकता की पड़ताल को लेकर वह विभिन्न क्षेत्र के प्रमुख लोगों से समय-समय पर बात करते हैं। कांग्रेस नेता ने आज कहा कि इस एपीसोड में उन्होंने पार्टी के संचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा तथा अनुभवी पत्रकार सुचेता दलाल के साथ गहन विचार विमर्श किया है जिसमें यह तथ्य सामने आया है कि श्रीमती बुच के नेतृत्व में आम निवेशकों का सेबी पर विश्वास घट गया है।

श्री गांधी ने कहा, बुच स्टॉप्स हियर के इस एपिसोड में, मैंने पवन खेड़ा और अनुभवी पत्रकार सुचेता दलाल के साथ बैठकर चर्चा की है कि किस तरह एकाधिकार को बढ़ावा देने वाली प्रणाली द्वारा खुदरा निवेशकों को कुचला जा रहा है। यह बातचीत माधबी बुच के नेतृत्व में सेबी की विफलता पर प्रकाश डालती है, जहां आम निवेशक की सुरक्षा के लिए बने नियामक तंत्र अब अडाणी जैसे कॉर्पोरेट दिग्गजों की सुरक्षा कर रहे हैं।

यह केवल वित्तीय कुप्रबंधन के बारे में ही नहीं है बल्कि इसमें यह भी विमर्श हुआ कि कैसे छोटे निवेशक, उद्यमी और ईमानदार व्यवसाय उस प्रणाली में विश्वास खो रहे हैं जो निष्पक्षता सुनिश्चित करती है। उन्होंने कहा, साथ मिलकर, हम साठगांठ वाले पूंजीवाद की वास्तविक कीमत का विश्लेषण करते हैं – खोई हुई बचत के संदर्भ में ही नहीं बल्कि लाखों मेहनती भारतीयों के लिए विश्वास और अवसर के क्षरण के संदर्भ में भी विचार करते हैं।

यदि हमने अभी इस पर ध्यान नहीं दिया तो हमारी अर्थव्यवस्था और लोकतंत्र को होने वाली क्षति अपरिवर्तनीय होगी। इस महत्वपूर्ण बातचीत के लिए हमारे साथ जुड़ें क्योंकि हम सच्चाई को उजागर करेंगे और एक निष्पक्ष तथा अधिक न्यायपूर्ण भारत के लिए लड़ेंगे। राहुल का यह हमला निरंतर जारी है जबकि उनके द्वारा उठाये गये मुद्दों पर सरकार ने चुप्पी साध रखी है। सिर्फ यह जानकारी मिली है कि सरकार की तरफ से नये सेबी प्रमुख की तलाश का काम तेज कर दिया गया है।