Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
तमिलनाडु में नीट (NEET) पीड़ित अभ्यर्थियों के परिवारों से मिले राहुल गांधी, केंद्र सरकार पर साधा तीख... रोहतास EO विमल कुमार हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा, सरकारी ड्राइवर ही निकला हत्यारा केरल में बारिश का कहर! भूस्खलन और फ्लैश फ्लड में 8 की मौत, 8 लापता; 200 से अधिक राहत शिविरों में भेज... प्रयागराज में राहुल गांधी के 'गूंज' छात्र संवाद की तैयारियों के बीच हंगामा! कांग्रेस बैठक में आपस मे... दिल्ली की जेलों में अप्राकृतिक मौत पर मिलेगा 7.5 लाख तक का मुआवजा: दिल्ली सरकार ने अधिसूचित की नई यो... पुणे में आर्थिक तंगी और कर्ज से परेशान परिवार ने किया सुसाइड: माता-पिता और 19 साल की बेटी की मौत, सु... पूर्णिया सांसद पप्पू यादव पर दिल्ली में हमले की कोशिश, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान समर्थकों ने आरोपी क... उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में शांति रैली के दौरान आत्मघाती हमला, 5 पुलिसकर्मियों सहि... कांकेर में तबाही का एनीकट! महानदी का पानी घुसने से 200 एकड़ खेत डूबे, 10 साल से परेशान बागोड़ के किस... जांजगीर में कान की बाली खोजने बच्चों पर कराया तंत्र-मंत्र: शिक्षिका गीता कुंभकार निलंबित, कलेक्टर के...

जैसे को तैसा मिला, कैसा मजा आया

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ज्यादा उछल रहे थे। उन्हें भरोसा था कि वह अमेरिकी शह पर भारत को धमका सकते हैं। अब नतीजा क्या हुआ यह सबके सामने है। कनाडा में ट्रूडो के अपने राजनीतिक सहयोगी भी उनसे इस्तीफा मांग रहे हैं।

साथ ही भारत ने सिक्ख अलगाववादियों के साथ उनके अच्छे रिश्ते का बंद पुलिंदा भी दुनिया के सामने खोलकर रख दिया है। इसे कहते हैं जैसे को तैसा मिलना। अब देश और विदेश दोनों तरफ एक जैसी चुनौती आ खड़ी हुई है।

यही हाल अमेरिका का भी है। वह भारत को रूस से दूर करना चाहता है। ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेते हुए यूक्रेन और गाजा युद्ध पर भारत ने मजबूती से अपनी बात रख दी कि वह शांति का पक्षधर है।

ऊपर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी बात कर ली। अब उसके बाद से लद्दाख के इलाके से दोनों देशों की सेनाएं पीछे हटने लगी हैं।

दुनिया भर पर सैटेलाइटों के जरिए नजर रखने वाला अमेरिका भी इसे देख समझ रहा है कि यह पश्चिम में सूरज कैसे उगने लगा। वैसे इसे देख बेचारे पाकिस्तान को भी धक्का लगा होगा, जो भारत से रिश्ते बनाने की बात तो करता है पर आतंकी गतिविधियों को रोकना नहीं चाहता।

नतीजा अमेरिका मुंह ताकता रह गया। इसे भी कहते हैं जैसे को तैसा मिलना। इसी बात पर फिल्म जैसे को तैसा मिला का यह गीत याद आ रहा है। इस गीत को लिखा था आनंद बक्षी ने और संगीत में ढाला था आर डी वर्मन ने। इसे किशोर कुमार ने बिल्कुल अपने ही अंदाज में गाया था। गीत के बोल कुछ इस तरह हैं।

जैसे को तैसा मिला कैसा मज़ा आया

मारु के छोड़ू तेरी टांगे तोड़ू बता तेरी मरजी है क्या

जैसे को तैसा मिला कैसा मज़ा आया

मारु के छोड़ू तेरी टांगे तोड़ू बता तेरी मरजी है क्या बोल

जैसे को तैसा मिला कैसा मज़ा आया

मारु के छोड़ू तेरी टांगे तोड़ू बता तेरी मरजी है क्या

मुजरिम तेरा नाम है तुझपे ये इल्जाम है

सीधे साधे भोले भाले लोगो को सताना तेरा काम है

मुजरिम तेरा नाम है तुझपे ये इल्जाम है

सीधे साधे भोले भाले लोगो को सताना तेरा काम है

ये खता है तेरी ये दग़ा है तेरी

तू आगे भागे तो मै पीछे दौड़ू बता तेरी मरजी है क्या उ

जैसे को तैसा मिला कैसा मज़ा आया

मारु के छोड़ू तेरी टांगे तोड़ू बता तेरी मरजी है क्या

कुछ जानते वो नहीं पहचानते वो नहीं

लातो के जो भूत होते है बातो से तो मानते वो नहीं

कुछ जानते वो नहीं पहचानते वो नहीं

लातो के जो भूत होते है बातो से तो मानते वो नहीं

आ गयी वो घडी बोल कैसी पड़ी

आ मै ज़रा तेरी बाहें मरोड़ू बता तेरी मरजी है क्या बोल

जैसे को तैसा मिला कैसा मज़ा आया

मारु के छोड़ू तेरी टांगे तोड़ू बता तेरी मरजी है क्या

खाना है पीना है रे हम सबको जीना है रे

हक छिनता है मगर दुसरो का तू कितना कमीना है रे ए बांगड़ू

खाना है पीना है रे हमसबको जीना है रे

हक छिनता है मगर दुसरो का तू कितना कमीना है रे

मेरे रहते है जो युही मरते है वो

चाबुक से मारु के आँखों को फोडू बता तेरी मरजी है क्या बोल

जैसे को तैसा मिला कैसा मज़ा आया

मारु के छोड़ू तेरी टांगे तोड़ू बता तेरी मरजी है क्या बोल

जैसे को तैसा मिला कैसा मज़ा आया

मारु के छोड़ू तेरी टांगे तोड़ू बता तेरी मरजी है क्या

अब विदेश से देश की धरती पर लौटते हैं तो चुनावी इलाकों में भाजपा को अपने ही दांव से पटखनी खाना पड़ रहा है। पहले ऑपरेशन लोट्स का भय दिखाया जाता था। झारखंड में यह पूरा ऑपरेशन लोट्स उल्टा चल रहा है।

अनेक बड़े नेता पार्टी छोड़कर हेमंत सोरेन की तरफ जा रहे हैं। बेचारे हिमंता बिस्वा सरमा को समझ में ही नहीं आ रहा है कि इस हेमंत से कैसे मुकाबला करें। बेचारे समर्थकों पर कृपा लुटा रहे हैं पर नेता लोग एक एक कर खिसकते जा रहे हैं।

कहा जा सकता है कि हिमंता नीचे से मजबूत कर रहे हैं तो हेमंत सोरेन ऊपर से छांटते जा रहे हैं। पहले से ही मइंया योजना की मार से कराहती भाजपा के पास दोहरी चुनौती है। चुनाव लड़ें कि घऱ का टूटना बचाए। ऑपरेशन लोट्स का ऐसा असर देखकर भी कहा जा सकता है कि जैसे को तैसा मिला।

दरअसल बार बार पटखनी खाकर थक चुके लोगों ने भी अब धोबियापाट वाला वह दांव सीख लिया है, जिसे सलमान खान ने फिल्म सुलतान में दिखाया था। जिन्हें इस किस्म के धोबियापाट का पुराना अनुभव नहीं था वह पटके जाने के बाद चित पड़े हांफते नजर आ रहे हैं। कुल मिलाकर कूटनीति और राजनीति दोनों में जैसे को तैसा मिल रहा है।