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सेना भर्ती का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया

सैन्य गुप्तचर सेवा की सूचना पर सक्रिय हुई थी पुलिस

  • खुद को मेजर बताता था अभियुक्त

  • कई स्थानों पर फर्जी शिविर लगाये

  • युवकों में फर्जी आई कार्ड बांटे गये

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः सेना में बहाली के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। इस गिरोह के सरगना का दिल्ली से लेकर अहमदनगर, श्रीरामपुर से बेलापुर तक पीछा करना पड़ा। तब जाकर वह पुलिस की गिरफ्त में आया। युवकों को सेना में बहाली का झांसा देने वाला यह व्यक्ति खुद को सेना के मेजर को तौर पर पेश करता था।

दरअसल सैन्य गुप्तचर सेवा यानी आर्मी इंटैलिजेंस को ऐसी किसी गड़बड़ी की सूचना मिली थी। उनके स्तर पर आरोप सही प्रतीत होने के बाद यह मामला पुलिस को सौंप दिया गया था। इस गिरोह का सरगना सत्यजीत बारथ कांबले हैं, जो खुद को सेना का मेजर और बहाली के लिए जिम्मेदार अधिकारी बताया करता था।

मामले की छानबीन के क्रम में यह जानकारी भी मिली कि युवकों को झांसा देने के लिए कई स्थानों पर गुपचुप तरीके से प्रशिक्षण शिविर भी संचालित किये गये थे। मिली जानकारी के मुताबिक यह रैकेट देहरादून, उत्तराखंड और श्रीगोंडा, महाराष्ट्र में फर्जी प्रशिक्षण शिविर चलाता था। उम्मीदवारों को उच्च पदस्थ सेना अधिकारियों के नाम से जाली जॉइनिंग लेटर जारी किए गए और उन्हें फर्जी प्रशिक्षु आई-कार्ड दिए गए।

झांसा में आये युवकों को इस गिरोह ने स्थानीय बाजारों से सैन्य उपकरण जैसे ही दिखने वाले पोशाक भी दिये। इससे गिरोह के झांसे में आये युवकों का भरोसा बढ़ा। आगे इनलोगों को फर्जी आई कार्ड भी जारी किये गये। मामले पर पुलिस की कार्रवाई, जांच और गिरफ्तारियां पूछताछ के दौरान, कांबले ने कई साथियों की संलिप्तता का खुलासा किया, जिनके नाम सामने आए हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की उम्मीद है।