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मादक पदार्थों की तस्करी रोकने राज्य में चलेगा अभियान

  • सभी जिला को दिये गये हैं खास निर्देश

  • झारखंड में अफीम की खेती का संकेत

  • इलाकों की पहचान कर निगरानी हो

दीपक नौरंगी

भागलपुर: 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी जो बिहार के कई महत्वपूर्ण जिलों में एसपी रहे पटना एसएसपी रहे पटना आईजी रहे मुजफ्फरपुर आईजी रहे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भी पर भी रहे, उन्होंने एक बड़ा आदेश जारी किया है क्योंकि लगातार युवाओं के द्वारा नशा करने की बात चारों तरफ चर्चा में है आर्थिक अपराध इकाई के एडीजी ने सूबे के सभी पुलिस कप्तानों को पत्र भेज कर मादक पदार्थों के तस्करी एवं दुरूपयोग की रोकथाम को लेकर कारगर कार्रवाई का निर्देश दिया है।

एडीजी नैयर हसनैन खान का कहना है कि मादक पदार्थों के सेवन एवं युवा पीढ़ी पर उसके दुष्प्रभाव से सभी अवगत हैं। यह सभ्य समाज के लिये एक चुनौती है। राज्य एवं केन्द्र सरकार मादक पदार्थों की तस्करी एवं गांजा तथा अफीम की अवैध खेती तथा मादक पदार्थो के सेवन के दुष्परिणाम के प्रति अत्यंत ही संवेदनशील एवं इसकी रोकथाम हेतु दृढ़ संकल्पित हैं। राज्य अन्तर्गत विशेषकर सीमावर्ती क्षेत्रों से मादक पदार्थो की तस्करी की शिकायतें प्राप्त हो रही है।

समय-समय पर आसूचना संकलन कर अभियान चलाकर मादक पदार्थो की जब्ती एवं तस्करों की गिरफ्तारी की गई हैं। जिला स्तर पर कार्रवाई की सूचना है, परन्तु जिला स्तर पर मादक पदार्थों की खेती, तस्करी तथा सेवन की रोकथाम हेतु सतत् आसूचना संकलन कर कारगर कारवाई के साथ ही मादक पदार्थो के सेवन के दुष्परिणाम से अवगत कराने हेतु जागरूकता अभियान की आवश्यकता है। इसलिए जिन क्षेत्रों में एनडीपीएस के केस प्रतिवेदित हुए है, उनमें सप्लाई लाइन (नदी / सड़क मार्ग) को चिन्हित कर तद्नुसार आसूचना तंत्र सुदृढ़ कर पैनी नजर रखी जाए।

सप्लाई लाइन में सम्मिलित संदिग्धों को सर्विलांस पर रखा जाए। गांजा, अफीम की खेती विशेषकर गया जिले में प्रारंभ होने से ही ड्रोन के माध्यम से भूतल पर सत्यापन एवं पता लगाकर विनष्टीकरण की कार्रवाई, जिला वन पदाधिकारी को अधिसूचित वन क्षेत्रों में प्रभारी बनाते हुए कराना सुनिश्चित करें। छापामारी, गिरफ्तारी में आवश्यकतानुसार झारखण्ड पुलिस एवं प्रतिनियुक्त अर्द्धसैनिक बल की भी सहायता ली जाये।

एनडीपीएस केस प्रतिवेदित होने पर काण्ड अनुसंधान के क्रम में वित्तीय अनुसंधान भी कराया जाये। जब्ती की विवरणी एसआईएसएम पोर्टल पर अवश्य अपलोड करें। आवश्यकता पड़ने पर आर्थिक अपराध इकाई, बिहार, पटना के पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार के मो0नं0 9431017026 से संपर्क कर सहयोग प्राप्त किया जा सकता है। जिन इलाकों में हिरोइन, स्मैक, गांजा का सेवन चोरी छिपे या खुले रूप से किशोर एवं युवा द्वारा किये जाने की शिकायत मिलती है, उन्हें हॉट स्पॉट के रूप में चिन्हित करते हुए पोस्टर वैनर एवं लोकल केवल ऑपरेटर के माध्यम से नशा मुक्ति जन जागरण अभियान चलाये।