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दिल्ली में साथ लेकिन बंगाल में नहीः ममता बनर्जी

राष्ट्रीय खबर

कूचबिहारः पटना में विपक्षी एकता की बैठक में भाग लेने के बाद ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने साफ कर दिया कि इस राज्य में वह कांग्रेस के साथ नहीं रहेंगे। पंचायत चुनाव के लिए प्रचार के दौरान उन्होंने भाजपा के साथ साथ कांग्रेस और वाम मोर्चा पर भी हमला बोला।

कूचबिहार के चंदामारी प्राणनाथ हाई स्कूल मैदान में एक चुनावी रैली में ममता ने कहा, हम दिल्ली में भाजपा के खिलाफ एक महागठबंधन बनाने की कोशिश कर रहे हैं और यहां सीपीएम, कांग्रेस, भाजपा में बड़ी टक्कर हो गई है। मैं इस महागंठबंधन को तोड़ दूंगा, दिल्ली में महागठबंधन होगा।

सीपीएम ने बहुत अत्याचार किये हैं, सीपीएम को वापस मत लाओ। कांग्रेस भाजपा की सहयोगी है, उन्हें वोट न दें। सोमवार को ममता के भाषण के बाद मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि वह राज्य में कांग्रेस और सीपीएम को रत्ती भर भी ‘राजनीतिक स्थान’ नहीं देंगी, चाहे समीकरण कुछ भी हों। ममता के भाषण में पंचायत चुनाव के अलावा अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव का मुद्दा भी कई बार उठा।

उन्होंने साफ किया कि उनका मुख्य मकसद भाजपा को हराना है। शिमला में विपक्षी भाजपा दलों की अगली बैठक 12 जुलाई को होने की संभावना है। कूचबिहार में ममता के भाषण के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या तृणमूल ने पहले से ही कांग्रेस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि इस बार ममता ने ही भाजपा-कांग्रेस-सीपीएम को विपक्ष की कतार में खड़ा कर लोकसभा चुनाव में बंगाल में जमीन न छोड़ने का संदेश दिया है।

ममता ने आरोप लगाया कि आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा राजनीतिक उद्देश्यों के लिए बीएसएफ का इस्तेमाल कर सकती है। ममता ने बिना नाम लिए कूचबिहार से भाजपा सांसद और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री निशित प्रमाणिक पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, एक गैंगस्टर को मंत्री बना दिया गया है। वह गृह मंत्री भी हैं।

मंत्री जी अफ्रीका से आए हैं और अपने काफिले के साथ इलाके का दौरा कर रहे हैं। क्या वोटिंग के दौरान ऐसा किया जा सकता है? हम उसके खिलाफ आरोप दायर करेंगे। उन्होंने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए बकाया पैसे का मुद्दा भी उठाया। ममता ने कहा, बंगाल के घर का पैसा भी रोक दिया है। अगर आपने बंगाल को पैसा नहीं दिया तो मैं भविष्य में भाजपा को राजनीतिक तौर पर हरा दूंगा। नई सरकार आने दीजिए। हम दिल्ली से भी पैसा लाएंगे। हम बंगाल को घर बनाएंगे। बस धैर्य रखें।

दूसरी तरफ वाम मोर्चा के सांसद विकासरंजन भट्टाचार्य ने कहा, वामपंथी ही भाजपा के असली प्रतिद्वंद्वी हैं। वे वैचारिक रूप से भाजपा विरोधी हैं। ममता बनर्जी का कोई आदर्श नहीं है। उनकी नीति किसी भी तरह से सत्ता में बने रहना है। अगर सत्ता में नहीं हैं तो ममता बनर्जी का राजनीतिक कार्यकाल एक घंटे का भी नहीं है। और इसलिए सत्ता पर काबिज होने के लिए अब वह विपक्षी गठबंधन की बैठक में नजर आए हैं। लेकिन आख़िर में वो इस गठबंधन में नहीं रहेंगी जब भी मौका मिलेगा वह गठबंधन तोड़कर भाग निकलेंगी।