Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
West Bengal Cabinet Expansion: पश्चिम बंगाल में कैबिनेट विस्तार की तैयारी; स्वपन दासगुप्ता और तपस रॉ... Attack on TMC MP Kalyan Banerjee: पश्चिम बंगाल में सियासी बवाल; सांसद कल्याण बनर्जी पर जानलेवा हमला,... Traffic Drive in Baloda Bazar: ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों पर पुलिस सख्त; 227 वाहन चालको... Utkarsh Yojana Fraud: जशपुर में फर्जी आय प्रमाण पत्र का खुलासा; उत्कर्ष योजना का लाभ लेने वाले शिक्ष... Mahasamund Accident: NH-53 पर दर्दनाक हादसा; ट्रक की चपेट में आने से पुलिस हवलदार की मौके पर मौत High Court on Raipur Oxyzone: ऑक्सीजोन में थाना निर्माण पर हाईकोर्ट सख्त; पेड़ बचाने और 'कंपनसेटरी प... Surguja MLA vs Tehsildar Dispute: पेरोल के लिए 'शोध क्षमता प्रमाण पत्र' बना विवाद की जड़? जानें पूरा... Yoga Camp in Manendragarh: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने योग शिविर में लिया भाग; स्वस्थ ज... Road Struggle in Bijapur: बस्तर का कोत्तापल्ली गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं को मोहताज; ग्रामीणों ने सर... Jashpur Police Action: ड्यूटी से गायब रहना पड़ा भारी; जशपुर में 3 आरक्षक बर्खास्त, 2 को कठोर दंड

महंगी गाड़ी खरीदा तो पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखाया

राष्ट्रीय खबर

तिरुअनंतपुरमः केरल में एक वामपंथी नेता को लग्जरी कार खरीदने के आरोप में शुक्रवार को पार्टी के सभी पदों से हटा दिया गया। केरल पेट्रोलियम एंड गैस वर्कर्स यूनियन के महासचिव पीके अनिल कुमार सीटू से संबद्ध हैं। उन्होंने 50 लाख रुपये में एक लग्जरी मिनी कूपर खरीदी। इसके बाद पार्टी ने उनके खिलाफ कार्रवाई की। उन्हें शुक्रवार को सभी पदों से हटा दिया गया था।

मीडिया सूत्रों के मुताबिक पार्टी के राज्य सचिव एमवी गोबिंदन ने सीपीएम की एर्नाकुलम जिला कमेटी और जिला सचिवालय की बैठक में कहा कि अगर अनिल की सदस्यता बनी रहती है तो यह पार्टी की नीति के खिलाफ होगा. पार्टी के कुछ अन्य सदस्यों ने भी उनका समर्थन किया। उनका दावा है कि इस मिनी कूपर को खरीदने को लेकर जनता के बीच वामपंथी नेताओं के बारे में गलत संदेश जा रहा है। इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।

अनिल कुमार की येलो कलर की कूपर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवादों में आ गई। ट्रोलिंग का शिकार हुए वामपंथी नेता कहा तो यह भी जाता है कि इस कार को खरीदकर अनिल यह समझना चाहते हैं कि पूंजीपति किस तरह लग्जरी कारों के साथ अपनी जिंदगी गुजारते हैं। हालांकि अनिल ने अपने बचाव में कहा कि उनकी पत्नी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन में काम करती हैं।

उसने यह कार खरीदी। इस सफाई के बाद भी विवाद यहीं नहीं रुका। अंत में जब यह खबर पार्टी नेतृत्व तक पहुंची तो वे हिल गए। बैठक में मामले पर चर्चा हुई। उसके बाद अनिल कुमार को सभी पदों से हटाने के फैसले पर मुहर लग गई। गौरतलब हो कि तीन महीने पहले बंगाल के वामपंथी नेता शतरूप घोष का भी एक कार को लेकर विवाद हो गया था।

तृणमूल प्रवक्ता कुणाल घोष ने चुनावी हलफनामे में सवाल उठाया कि किसकी संपत्ति 2 लाख रुपए है, पार्टी का पूरा टाइमर इतनी महंगी गाड़ी कैसे चलाकर लोगों को अपना चेहरा दिखा सकता है? शतरूप ने दूसरे दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि इस कार की कीमत उनके पिता ने चुकाई है।