Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
BJP OBC Politics: काशी में बीजेपी का मास्टरस्ट्रोक; अशोक चौरसिया को कमान देकर पिछड़ा वर्ग को साधने क... Lohagad Murder Case: पुणे मंगेतर हत्याकांड में SIT जांच के निर्देश; विधानसभा में गूंजा केतन अग्रवाल ... WB Anti-Social Activities Bill: पश्चिम बंगाल में 'निवारक हिरासत' का प्रावधान; विधानसभा में पेश होगा ... Sanjay Dina Patil Controversy: शिवसेना सांसद के 'बम' वाले बयान पर मचा बवाल; ठाकरे गुट ने दर्ज कराई श... Fake Helmet Factory Ghaziabad: गाजियाबाद में दो हेलमेट इकाइयों पर BIS का छापा; लाइसेंस खत्म होने के ... Passport Fees Hike 2026: 1 जुलाई से महंगा होगा पासपोर्ट बनवाना; जानिए नई दरों की पूरी लिस्ट Ram Mandir Donation Controversy: चांदी का काकभुशुण्डि मिलने के बाद भी खड़े हुए सवाल; दानदाताओं ने रसी... Ram Mandir Donation Scam: राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में FIR दर्ज; गबन और धोखाधड़ी की धाराओं में 8 आ... LPG Supply Rules Changed: सरकार का बड़ा फैसला; व्यावसायिक LPG पर लगे सभी प्रतिबंध हटाए गए Ram Mandir Donation Scam: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ी कार्रवाई; ट्रस्ट की शिकायत पर 8 लोगों...

महंगी गाड़ी खरीदा तो पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखाया

राष्ट्रीय खबर

तिरुअनंतपुरमः केरल में एक वामपंथी नेता को लग्जरी कार खरीदने के आरोप में शुक्रवार को पार्टी के सभी पदों से हटा दिया गया। केरल पेट्रोलियम एंड गैस वर्कर्स यूनियन के महासचिव पीके अनिल कुमार सीटू से संबद्ध हैं। उन्होंने 50 लाख रुपये में एक लग्जरी मिनी कूपर खरीदी। इसके बाद पार्टी ने उनके खिलाफ कार्रवाई की। उन्हें शुक्रवार को सभी पदों से हटा दिया गया था।

मीडिया सूत्रों के मुताबिक पार्टी के राज्य सचिव एमवी गोबिंदन ने सीपीएम की एर्नाकुलम जिला कमेटी और जिला सचिवालय की बैठक में कहा कि अगर अनिल की सदस्यता बनी रहती है तो यह पार्टी की नीति के खिलाफ होगा. पार्टी के कुछ अन्य सदस्यों ने भी उनका समर्थन किया। उनका दावा है कि इस मिनी कूपर को खरीदने को लेकर जनता के बीच वामपंथी नेताओं के बारे में गलत संदेश जा रहा है। इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।

अनिल कुमार की येलो कलर की कूपर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवादों में आ गई। ट्रोलिंग का शिकार हुए वामपंथी नेता कहा तो यह भी जाता है कि इस कार को खरीदकर अनिल यह समझना चाहते हैं कि पूंजीपति किस तरह लग्जरी कारों के साथ अपनी जिंदगी गुजारते हैं। हालांकि अनिल ने अपने बचाव में कहा कि उनकी पत्नी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन में काम करती हैं।

उसने यह कार खरीदी। इस सफाई के बाद भी विवाद यहीं नहीं रुका। अंत में जब यह खबर पार्टी नेतृत्व तक पहुंची तो वे हिल गए। बैठक में मामले पर चर्चा हुई। उसके बाद अनिल कुमार को सभी पदों से हटाने के फैसले पर मुहर लग गई। गौरतलब हो कि तीन महीने पहले बंगाल के वामपंथी नेता शतरूप घोष का भी एक कार को लेकर विवाद हो गया था।

तृणमूल प्रवक्ता कुणाल घोष ने चुनावी हलफनामे में सवाल उठाया कि किसकी संपत्ति 2 लाख रुपए है, पार्टी का पूरा टाइमर इतनी महंगी गाड़ी कैसे चलाकर लोगों को अपना चेहरा दिखा सकता है? शतरूप ने दूसरे दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि इस कार की कीमत उनके पिता ने चुकाई है।