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बाढ़ में डूब गए 16 जिले,7 लोगों की मौत ,20 लाख प्रभावित

  • केंद्रीय सरकार  ने हर संभव सहायता देने का दिया आश्वासन

  • कई इलाकों में हाई अलर्ट और ऑरेंज अलर्ट  भी जारी कर दिया

  • बारपेटा जिला में सबसे अधिक लोग इस बाढ़ से हुए प्रभावित

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी :भारी बारिश और बाढ़ से असम में हाहाकार मचा हुआ है। जिसमें 7 लोगों की जान चली गई है।वहीं आंकड़ों पर एक नजर डालें तो पाते हैं कि करीब 20 लाख लोग  इस भीषण बाढ़ की चपेट  में हैं।केन्द्र सरकार असम में बाढ़ की स्थिति को लेकर चिंतित है। गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के मुख्यमंत्री से बात की है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा से बात की। उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया।असम में कम समय में अचानक भारी बारिश के चलते बाढ़ की स्थति पैदा हुई है इस बाबत मौसम विभाग ने कई इलाकों में ऑरेंज अलर्ट  भी जारी कर दिया है।

आईएमडी  ने बक्सा, बरपेटा, चिरांग धुबरी, कामरूप कोकराझार, लखीमपुर, नलबाड़ी, सोनितपुर और उदालगुरी जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन सभी प्रभावित इलाकों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है।बारपेटा जिले में प्रभावित व्यक्तियों की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई, इसके बाद बजाली और लखीमपुर का स्थान है।

रिपोर्ट के मुताबिक, कुल 198,896 लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें 73,915 पुरुष, 70,046 महिलाएं और 11,935 बच्चे शामिल हैं। जिलेवार विश्लेषण से पता चलता है कि बारपेटा में 87,232 प्रभावित व्यक्ति हैं, इसके बाद बजाली में 44,617 और लखीमपुर में 17,086 लोग प्रभावित हैं।संकट के जवाब में, कुल 99 राहत शिविर/केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें 29 राहत शिविर और 70 राहत वितरण केंद्र शामिल हैं।

वर्तमान में, 2,915 व्यक्ति, जिनमें 1,292 पुरुष, 1,226 महिलाएं और 375 बच्चे शामिल हैं, इन राहत शिविरों में शरण ले रहे हैं। इसके अतिरिक्त, 16 गर्भवती/स्तनपान कराने वाली माताओं और 6 विकलांग व्यक्तियों को आवश्यक देखभाल प्रदान की जा रही है।जानकारी के लिए बता दें असम में ब्रह्मपुत्र और बराक नदी के चलते हर साल बाढ़ के हालात पैदा होते हैं।

साथ ही इलाके में मिट्टी का कटाव भी एक गंभीर समस्या है और इस सभी जिलों में बहुत कम समय में ज्यादा बारिश होती है जिस कारण बाढ़ की स्थिति पैदा होतो है। केंद्रीय जल आयोग की एक रिपोर्ट के अनुसार नेमाटीघाट (जोहराट) में ब्रह्मपुत्र खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

असम के मुख्यमंत्री सीएम सरमा ने बाढ़ की स्थिति के संबंध में आपकी सक्रिय प्रतिक्रिया और चिंता के लिए गृह मंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि असम सरकार हाई अलर्ट पर है और प्रभावित व्यक्तियों को सभी सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से राज्य को मिली हर मदद के लिए हम पीएम नरेंद्र मोदी के आभारी हैं।