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एक साल लगातार पैदल चलकर हज करने मक्का पहुंचे

  • वीजा के लिए पाकिस्तान सीमा पर रुकना पड़ा

  • इस सफर के दौरान ही यूट्यूब चैनल प्रारंभ किया

  • दुनिया को हर रोज उनके जरिए जानकारी मिली

राष्ट्रीय खबर

तिरुअनंतपुरमः केरल के रहने वाले शिहाब चतुर एक साल पहले पैदल ही हज करने के लिए घर से निकले थे। आखिर वह अपनी यात्रा में सफल हुआ। वह 370 दिनों में 8,640 किलोमीटर पैदल चलकर पवित्र मक्का पहुंचे। इस रास्ते से गुजरने के लिए उसने पाकिस्तान, ईरान, इराक, कुवैत को पार किया। शिहाब चतुर केरल के मेलापुरम जिले के रहने वाले हैं।

2 जून, 2022 को वह हज करने के लिए पैदल ही मक्का के लिए निकले। आखिरकार वह इसी महीने मक्का पहुंचने में कामयाब रहे। इस लंबे सफर में वह सऊदी अरब पहुंचने के लिए भारत, पाकिस्तान, इराक, ईरान और कुवैत की सीमाओं को पार कर गया। सऊदी अरब में प्रवेश करने के बाद, शिहाब मदीना चला गया। मक्का से मदीना जाने के बाद उन्होंने कहा कि वह वहां 21 दिन रहे।

मक्का से मदीना की दूरी 440 किमी है। उन्होंने इस रास्ते को 9 दिनों में पैदल तय किया। वह इसी महीने पवित्र हज करेंगे। इसी महीने में उनकी मां जैनब भी हज करने मक्का जाएंगी। मां-बेटे साथ-साथ हज करेंगे। फिलहाल वह अपनी मां के वहां पहुंचने की प्रतीक्षा कर रहा है। इस बीच ही उसके सकुशल वहां पहुंच जाने की सूचना यहां पहुंची है।

मजेदार बात यह है कि केरल से मक्का जाते समय उन्होंने अपना एक यूट्यूब चैनल शुरू किया। वहां वह रोजाना अपडेटेड जानकारियां शेयर करता था। कई लोगों ने उनके चैनल को फॉलो किया। इस पूरी यात्रा के दौरान शिहाब के सबसे अधिक परेशानी भारत से पाकिस्तान में प्रवेश करते वक्त हुई। पैदल हज करने के लिए निकले शिहाब पाकिस्तान की सीमा पार करते समय मुश्किल में पड़ गए।

क्योंकि उनके पास पाकिस्तान में प्रवेश करने के लिए वीजा नहीं था। उन्होंने वीजा पाने के लिए 1 महीने का लंबा इंतजार किया। आखिरकार पाकिस्तानी अधिकारियों ने उन्हें वीजा दे दिया। दूसरी तरफ इंटरनेट के जमाने में पैदल मक्का आते युवक की जानकारी वहां की सरकार को पहले ही हो चुकी थी। इसलिए जब वह वहां पहुंचा तो वहां की सरकारी मुलाजिमों ने उनका खास ध्यान रखा क्योंकि वह पैदल ही आगे बढ़ रहे थे। इस यात्रा के दौरान कई अलग अलग चरणों में अनेक लोग भी उनके साथ पैदल चलते रहे।