आजकल देश में लोकतंत्र की आँखों पर पट्टी नहीं, बल्कि स्मार्ट चश्मा चढ़ा हुआ है। यह चश्मा इतना आधुनिक है कि इसे वही दिखता है जो सिस्टम दिखाना… अधिक पढ़ें...
दुनिया के रंगमंच पर इन दिनों प्रहसन (कॉमेडी) और त्रासदी (ट्रेजेडी) का ऐसा घालमेल हुआ है कि शेक्सपियर भी जीवित होते तो अपना सिर खुजलाने लगते।… अधिक पढ़ें...