Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
IMD Monsoon Update 2026: कम बारिश और प्रचंड गर्मी करेगी परेशान, मौसम विभाग ने मानसून को लेकर जारी कि... Trump Warns Iran: 'होर्मुज में जहाज आए तो उड़ा देंगे', ट्रंप की ईरान को दो टूक- अब होगी तेज और बेरहम... Asha Bhosle Funeral : अंतिम विदाई में उमड़ा सैलाब, मनपसंदीदा फूलों से सजे रथ पर निकलीं Asha ताई की य... यूरेनस तक की यात्रा का समय आधा होगा झारखंड की राजनीति में दरार: जेएमएम और कांग्रेस के रिश्तों में कड़वाहट सुप्रीम कोर्ट से एमएसपी की याचिका पर नोटिस जारी चुनाव आयोग का खेल और तरीका अब उजागर हो चुका हम इस विवाद में अंधे नहीं हो सकते: सुप्रीम कोर्ट टाइपिंग की गलतियों के बहाने वोटर काटे गयेः योगेंद्र यादव जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में असम सरकार

पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने फिर मोदी और शाह पर साधा निशाना

  • गुजरात मॉडल का विकास एक छलावा है

  • किसान आंदोलन हुआ तो केंद्र सरकार जिम्मेदार

  • सरकार वादे के मुताबिक एमएसपी को लागू करे

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः मेघालय के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने गुरुवार को एक बार फिर सेना भर्ती योजना अग्निपथ को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। पूर्व राज्यपाल ने कहा कि सेना भर्ती की अग्निपथ योजना देश के लिए बेहद खतरनाक है।

उन्होंने केंद्र सरकार से सैन्य बलों में संविदा नियुक्ति की इस प्रक्रिया को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि अग्निपथ योजना देश के लिए बेहद खतरनाक है।  मलिक ने जयपुर प्रवास के दौरान पत्रकारों से कहा कि उन्हें नहीं पता कि वे देश को कितना नुकसान पहुंचा रहे हैं। अग्निपथ एक बहुत ही खतरनाक योजना है।

उन्होंने कहा कि केंद्र को इसे तुरंत वापस लेना चाहिए और पेंशन जैसी सुविधाओं के साथ पूर्णकालिक नौकरी योजना वापस लानी चाहिए। इतना ही नहीं, उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के गुजरात मॉडल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गुजरात मॉडल कुछ भी नहीं है। इसमें वही गरीबी है। मलिक ने आगे कहा कि किसान पीड़ित हैं। बेरोजगारी है और कोई चिकित्सा सुविधा नहीं है। स्कूल भी अच्छे नहीं हैं। गुजरात में कोई स्वर्ग नहीं है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर किसानों से किए अपने वादे पर कायम रहना चाहिए। इस दौरान, मलिक ने चेतावनी दी कि अगर सभी कृषि जिंसों के लिए एमएसपी लागू नहीं किया गया तो फिर से आंदोलन शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि आगामी 11 दिसंबर को संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से काला दिवस मनाया जाएगा। इसलिए यह तय माना जाना चाहिए कि इस बार अगर आंदोलन हुआ तो उसकी सारी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी क्योंकि किसानों के साथ छल किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी और मंहगाई की मार से लोग परेशान हो रहे हैं। इस पर सरकार का ध्यान नहीं होना दुखद है जबकि सरकार और राजनीतिक दल चुनाव में जुटे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राजस्थान में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण से छेड़छाड़ करना उचित नहीं है। जिन जातियों को इसका लाभ मिल रहा है, उन्हें यह मिलता रहना चाहिए। यदि किसी सेवानिवृत्त सैनिक को लाभ देना है तो वह अलग से दिया जाना चाहिए।