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अभिषेक बनर्जी मामले में पांच गिरफ्तार

देश भर से तीखी प्रतिक्रिया के बाद पुलिस की कार्रवाई

  • टीएमसी ने कई के पहचान बता दिये

  • वीडियो में साफ दिख रहे हैं हमलावर

  • दो और लोग फिलहाल हिरासत में

राष्ट्रीय खबर

कोलकाताः पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 5 लोगों को गिरफ्तार किया है और 2 को हिरासत में लिया है।  यह घटना 30 मई 2026 की है, जब अभिषेक बनर्जी चुनाव बाद हुई हिंसा में मारे गए एक पार्टी कार्यकर्ता के परिजनों से मिलने सोनारपुर गए थे। स्थानीय लोगों की भीड़ ने अभिषेक बनर्जी के काफिले को घेर लिया और उन पर पत्थर, अंडे और जूते फेंके। उन्हें शारीरिक रूप से धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा और उनके कपड़े भी फट गए। सुरक्षा के लिए उन्होंने हेलमेट पहना हुआ था, जिससे उनके सिर पर गंभीर चोट नहीं आई।

हंगामा होने के बाद सोनारपुर पुलिस ने वीडियो फुटेज की जांच के बाद स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया और रातभर छापेमारी कर आरोपियों की पहचान की। पुलिस के अनुसार, सात लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिनमें से पूछताछ के बाद पांच को गिरफ्तार कर लिया गया।

टीएमसी ने इसे भाजपा प्रायोजित हमला और हत्या का प्रयास करार दिया है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि हमले के बाद अस्पतालों पर दबाव डाला गया कि वे अभिषेक को भर्ती न करें।  भाजपा नेताओं ने इन आरोपों को खारिज किया है और इसे टीएमसी के खिलाफ जन आक्रोश का परिणाम बताया है। वहीं, भाजपा के सुकांत मजूमदार ने दावा किया है कि गिरफ्तार किए गए लोग टीएमसी से ही जुड़े हो सकते हैं। हमले के तुरंत बाद, अभिषेक बनर्जी ने कहा कि हमलावर उन्हें जान से मारना चाहते थे। उन्होंने पुलिस की कथित अनुपस्थिति पर सवाल उठाए और उच्च न्यायालय व राज्यपाल को मामले की जानकारी देने की बात कही। वर्तमान में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।