कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन और लूटपाट
बर्लिनः जर्मनी के शहरों में जीवन-यापन की बढ़ती लागत को लेकर भड़की झड़पों के बीच शनिवार देर रात मध्य फ्रैंकफर्ट में दंगाइयों ने दुकानों में लूटपाट की। जर्मनी के वित्तीय केंद्र फ्रैंकफर्ट के अलावा बर्लिन, कोलोन और हैम्बर्ग में भी हिंसा की घटनाएं हुईं। पुलिस का कहना है कि आपातकालीन कर्मचारियों पर पटाखे, पत्थर और बोतलें फेंकने वाले प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए उन्हें वॉटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। इससे पहले दिन में हजारों लोग बड़े पैमाने पर आयोजित शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में शामिल हुए थे। इन प्रदर्शनों का आयोजन अभियानात्मक समूह जेन जेड रीगल्ट (जिसका अर्थ है जेन जेड संभालेगा कमान) द्वारा स्कूलों में कम फंडिंग, जीवन-यापन की उच्च लागत, सार्वजनिक खर्च में कटौती और सैन्य सेवा के खिलाफ किया गया था।
जर्मनी में यह अशांति फ्रांस में युवाओं के नेतृत्व में हुए इसी तरह के बड़े प्रदर्शनों के बाद देखने को मिली है, जहां शनिवार को 3,20,000 से अधिक लोगों ने प्रदर्शन किया था।
रविवार को जर्मनी के गृह मंत्री अलेक्जेंडर डोब्रिंड्ट ने बताया कि रात भर पुलिस ने पिछले हफ्तों में पेरिस जैसी हिंसा को रोकने का काम किया और उन्होंने दंगाइयों व लुटेरों के लिए कड़े दंड की मांग की। रात भर फ्रैंकफर्ट की मुख्य शॉपिंग स्ट्रीट का एक बड़ा हिस्सा पुलिस द्वारा सील कर दिया गया था। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि शहर में कई गिरफ्तारियां की गईं। फ्रैंकफर्ट, म्यूनिख और बर्लिन के अधिकारियों ने 18,000 तक प्रदर्शनकारियों की उपस्थिति दर्ज की, जो आयोजकों द्वारा अपनी वेबसाइट पर लगाए गए अनुमान से लगभग आधी थी। हालांकि, जर्मन मीडिया का कहना है कि शनिवार को जर्मन शहरों में दसियों हजार लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया।
जेन जेड रीगल्ट की प्रवक्ता लीना फ्रेडरिक ने कहा कि प्रदर्शन युद्ध और दबाव के बजाय शांति और स्वतंत्रता के लिए लड़ने हेतु थे। उन्होंने कहा: हमारे लिए सबसे ज्यादा मायने रखता है स्वास्थ्य और शिक्षा प्रणालियों को बेहतर सहायता। हम अनिवार्य सैन्य सेवा के खिलाफ हैं और हम बोझ के अधिक निष्पक्ष वितरण के पक्ष में हैं।
शनिवार रात फ्रैंकफर्ट पुलिस ने कहा कि शहर के केंद्र में हिंसक दंगे हो रहे हैं और विशेष पुलिस इकाइयों को तैनात किया गया है। पुलिस ने कहा कि कई दुकानों के शीशे तोड़ दिए गए और आपातकालीन सेवाओं पर मोलोटोव कॉकटेल (पेट्रोल बम) फेंके गए। अधिकारियों के अनुसार, एक बंदूक की दुकान के शीशे तोड़ दिए गए थे और एक संदिग्ध को गिरफ्तार करने के बाद उन्होंने दो हथियार जब्त किए। लोगों ने अन्य दुकानों में भी तोड़फोड़ की और जूते (ट्रेनर्स) जैसी चीजें चुरा लीं। पुलिस ने बताया कि रविवार की सुबह तक शहर में स्थिति शांत हो गई थी।