सुनेत्रा और पार्थ पवार विरोधी नेता शाह से मिले
भाजपा के साथ विलय की भी चर्चा
दूसरे घड़े के साथ मिलने पर गर्मी
सुनेत्रा ने पार्टी की आपात बैठक बुलायी
राष्ट्रीय खबर
मुंबईः राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के भीतर बढ़ते संगठनात्मक असंतोष से भारतीय जनता पार्टी की चिंता बढ़ गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार देर रात एनसीपी के उन वरिष्ठ नेताओं के साथ एक अहम बैठक की, जो पार्टी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार और उनके बेटे पार्थ पवार की कार्यशैली से नाराज बताए जा रहे हैं। गृह मंत्री शाह ने नेताओं को सलाह दी कि वे पार्टी के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए अपने अंदरूनी मतभेदों को जल्द सुलझाएं।
इस हाई-प्रोफाइल बैठक में एनसीपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल, महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे, वरिष्ठ मंत्री छगन भुजबल, हसन मुश्रीफ, धनंजय मुंडे और दिलीप वल्से पाटिल मौजूद रहे। हालांकि, महाराष्ट्र की उप-मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और उनके बेटे पार्थ पवार इस बैठक में शामिल नहीं हुए। दिल्ली में हुई इस बैठक के बाद सुनेत्रा पवार ने मुंबई में पार्टी की कोर कमेटी की आपातकालीन बैठक बुलाई।
सूत्रों के मुताबिक, सुनेत्रा, पार्थ और उनके छोटे बेटे जय पवार के साथ बातचीत के बावजूद असंतुष्ट गुट की चिंताएं पूरी तरह दूर नहीं हो सकी हैं। सत्ताधारी एनडीए गठबंधन के घटक दल एनसीपी के लिए आने वाले दिन काफी निर्णायक माने जा रहे हैं।
विवाद की मुख्य वजह इस वर्ष जनवरी 2026 में हुए विमान हादसे में पूर्व उप-मुख्यमंत्री अजीत पवार के आकस्मिक निधन के बाद का घटनाक्रम है। अजीत पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार ने पार्टी की कमान संभाली थी। उनके करीबी नेताओं का आरोप है कि पार्थ अपनी मां सुनेत्रा के जरिए वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार कर मनमाने फैसले ले रहे हैं। हाल ही में हुए एमएलसी चुनाव में एनसीपी को मिली हार ने इस आग में घी का काम किया, जबकि शरद पवार नीत एनसीपी (एसपी) ने दो सीटों पर जीत हासिल की।
महायुति पर असर की आशंका अमित शाह के आवास पर हुई बैठक में नेताओं ने मुख्य रूप से पार्थ पवार के एकतरफा रवैये और सुनेत्रा पवार द्वारा उन्हें दिए जा रहे समर्थन पर आपत्ति जताई। भाजपा का मानना है कि एनसीपी में यह अंदरूनी कलह पश्चिमी महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन को मजबूत कर सकती है, जिससे महायुति (भाजपा, शिवसेना-शिंदे और एनसीपी) के चुनावी समीकरण प्रभावित हो सकते हैं। बैठक में दोनों एनसीपी धड़ों के विलय की चर्चाओं पर भी बात हुई, जिसे प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विलय का मुद्दा अब पूरी तरह बंद हो चुका है। वहीं, एनसीपी के मुख्य प्रवक्ता उमेश पाटील ने अंदरूनी कलह की खबरों का खंडन करते हुए कहा कि अमित शाह के साथ हुई सामान्य बैठक को बेवजह राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।