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केश्म द्वीप और बंदर लेंगेह के पास धमाकों की गूंज

तीन अमेरिकी ड्रोन गिराने का दावा, कूटनीतिक कोशिशें तेज

पांच बड़े धमाके सुने गये हैं वहां

दो सैन्य विमान भी उड़ रहे थे

तीन ड्रोन नष्ट करने का भी दावा

तेहरानः रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित दक्षिणी ईरान के केश्म द्वीप और बंदर लेंगेह में कई भीषण विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब तेहरान और वाशिंगटन के बीच सैन्य तनाव चरम पर है।

ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी आईआरएनए के हवाले से रिपोर्ट मिली है कि केश्म द्वीप पर कम से कम पांच विस्फोट हुए। स्थानीय निवासियों ने विस्फोटों से ठीक पहले द्वीप के ऊपर दो सैन्य विमानों को उड़ते हुए देखा।

हालांकि, इन विस्फोटों के सटीक कारणों और इसमें हुए नुकसान या हताहतों के संबंध में अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। विस्फोटों की इस घटना से ठीक पहले, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की एयरोस्पेस फोर्स ने बड़ा दावा किया। आईआरजीसी के अनुसार, उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास तीन अमेरिकी ड्रोन को नष्ट कर दिया है।

ईरानी राज्य प्रसारक प्रेस टीवी के अनुसार, आईआरजीसी ने इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों का उपयोग करके केश्म द्वीप के दक्षिण में दो अमेरिकी टोही ड्रोन मार गिराए। इसके साथ ही ईरान द्वारा कब्जे में लिए गए इस श्रेणी के ड्रोन की कुल संख्या चार हो गई है। इसके अतिरिक्त, आईआरजीसी ने एक बयान जारी कर बताया कि उसने अपनी स्वदेशी और नई विकसित वायु रक्षा प्रणाली के जरिए होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्वी क्षेत्र में अमेरिका के एक उन्नत 55वें एम क्यू 9 सैन्य ड्रोन को ट्रैक कर सफलतापूर्वक हवा में ही तबाह कर दिया।

तनाव के बीच कूटनीतिक समाधान की आस एक तरफ जहां सीमा पर सैन्य टकराव जारी है, वहीं दूसरी ओर दोनों देशों के बीच पर्दे के पीछे कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर संकेत दिया कि ईरान के साथ बातचीत से कूटनीतिक समझौता होने की संभावनाएं बढ़ी हैं। ट्रंप ने कहा कि युद्ध टलने की उम्मीदों के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 10 डॉलर प्रति बैरल की भारी गिरावट दर्ज की गई है।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी बातचीत की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। हालांकि, दूसरी ओर ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि तेहरान कूटनीति और सैन्य टकराव—दोनों स्थितियों के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका की ओर से की गई किसी भी नई सैन्य कार्रवाई का ईरान और अधिक कठोरता से जवाब देगा।