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बदरीनाथ से देहरादून लौट रहा हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त

मुख्यमंत्री धामी ने खुद ही सोशल मीडिया पर की पुष्टि

अचानक उसका संपर्क टूट गया

राहत और बचाव दल रवाना हुआ

जेपी डैम के ऊपर जलता मलबा

राष्ट्रीय खबर

देहरादूनः उत्तराखंड के चमोली जिले में जोशीमठ स्थित चांई गांव के पास शुक्रवार दोपहर एक बड़ा हादसा सामने आया, जब बद्रीनाथ से देहरादून जा रहा एक हेलीकॉप्टर अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। ट्रांस भारत एविएशन द्वारा संचालित इस हेलीकॉप्टर (पंजीकरण संख्या वीटी-एचसीएक्स) ने बद्रीनाथ हेलीपैड से दोपहर 1:14 बजे अपनी उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद, जोशीमठ के ठीक सामने स्थित हाथी पहाड़ पर सेना की अग्रिम चौकी के समीप हेलीकॉप्टर का हवाई यातायात नियंत्रण से संपर्क पूरी तरह टूट गया।

हेलीकॉप्टर के अचानक गायब होने और संपर्क टूटने से प्रशासनिक हलके में हड़कंप मच गया, जिसके तुरंत बाद जिला प्रशासन ने व्यापक खोज अभियान शुरू किया। हवाई निगरानी टीमों ने जेपी डैम के ऊपर स्थित घने जंगलों वाले क्षेत्र में धुआं उठते और एक सफेद वस्तु को जलते हुए देखा, जिससे दुर्घटना की आशंका की पुष्टि हुई।

हेलीकॉप्टर में पायलट सहित कुल छह लोग सवार थे। अधिकारियों द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, हेलीकॉप्टर के पायलट की पहचान पश्चिमी दिल्ली के शालीमार बाग निवासी 48 वर्षीय कैप्टन हिमांशु सभरवाल के रूप में हुई है। वहीं, सवार अन्य पांचों यात्री कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के निवासी हैं। यात्रियों में प्रताप बी लिंगराजू (41), अरुण सालुंके (44), सुधीर के (49), एचएस नटराज (51) और शंकरगौड़ा वीबी (39) शामिल हैं। प्राथमिक विवरण के अनुसार, अरुण सालुंके पुलिस विभाग में कार्यरत हैं, जबकि शंकरगौड़ा पेशे से वकील हैं।

घटना की जानकारी मिलते ही राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर गहरा दुख प्रकट करते हुए कहा कि जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की संयुक्त टीमें मौके पर तैनात हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा गंभीर रूप से घायलों को इलाज के लिए तुरंत बड़े चिकित्सा केंद्रों में एयरलिफ्ट करने की व्यवस्था की जाए। वर्तमान में थलसेना, स्थानीय पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें बेहद विषम भौगोलिक परिस्थितियों का सामना करते हुए दुर्घटनास्थल पर राहत कार्य में जुटी हुई हैं।