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Amarnath Yatra Helicopter Service Banned: अमरनाथ यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवा पर रोक, केदारनाथ-बद्रीनाथ में उमड़ा भक्तों का सैलाब

बाबा बर्फानी के दर्शन की प्रतीक्षा कर रहे अमरनाथ यात्रियों के लिए इस साल भी एक मायूस करने वाली खबर है। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए प्रशासन ने लगातार दूसरे वर्ष भी अमरनाथ यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर संचालन की अनुमति नहीं दी है। अधिकारियों के मुताबिक, अमरनाथ के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षाबलों की जरूरतों और हवाई निगरानी (एरियल सर्विलांस) को प्राथमिकता देने के लिए यह कड़ा फैसला लिया गया है। हेलीकॉप्टर सेवा बंद होने से अब यात्रियों को पहलगाम और बालटाल के कठिन रास्तों को पैदल, घोड़े या पालकी के जरिए ही पार करना होगा।

🛡️ सुरक्षा को प्राथमिकता: प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि नियमित कमर्शियल उड़ानों से सुरक्षा प्रबंधन प्रभावित हो सकता था, इसीलिए यह निर्णय लिया गया। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यात्रा मार्ग पर चिकित्सा और आपातकालीन सेवाएं पहले से ज्यादा मजबूत की गई हैं। पूरे यात्रा रूट और बेस कैंपों की निगरानी अब ड्रोन और CCTV कैमरों के जरिए की जाएगी, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।

🕉️ केदारनाथ-बद्रीनाथ में रिकॉर्ड तोड़ भीड़, दर्शन के लिए भक्तों का सैलाब

एक तरफ जहां अमरनाथ में इस बार पैदल यात्रा की चुनौती होगी, वहीं उत्तराखंड के चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं का हुजूम सारे रिकॉर्ड तोड़ रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, अब तक 10,50,670 (10.5 लाख से अधिक) श्रद्धालु बाबा केदार के दरबार में हाजिरी लगा चुके हैं। वहीं, भगवान बद्री विशाल के दर्शन के लिए बद्रीनाथ धाम में 8,32,903 तीर्थयात्री पहुंच चुके हैं। कुल मिलाकर 18 लाख से अधिक भक्त अब तक इन दोनों धामों के दर्शन कर चुके हैं। भीड़ इतनी ज्यादा है कि प्रशासन को भक्तों की सुरक्षा और कतारों को नियंत्रित करने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।

संपादकीय टिप्पणी: जहाँ अमरनाथ यात्रा में सुरक्षा कारणों से चुनौतियां बढ़ी हैं, वहीं चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या आस्था के अटूट विश्वास को दर्शाती है। क्या आपको लगता है कि प्रशासन को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए दर्शन स्लॉट को अनिवार्य कर देना चाहिए? अपने विचार नीचे साझा करें।