दिल्ली के एसआईआर का एक और खेल उजागर हुआ
जांच में भाजपा बूथ एजेंट का नाम आया
फॉर्म सात दाखिल करने वालों की पहचान
28 वोटरों के नाम काटने की साजिश थी
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मुस्तफ़ाबाद क्षेत्र स्थित दयालपुर मोहल्ले में दर्जी का काम करने वाले साजिद हुसैन पिछले दो दशकों से भी अधिक समय से एक ही पते पर रह रहे हैं। लेकिन बुधवार को यह दर्जी यह जानकर हैरान रह गया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत जारी दावे और आपत्तियों की अवधि के दौरान दिल्ली की मतदाता सूची से उनके बेटे और पत्नी के नाम हटाने के लिए फॉर्म 7 आवेदन दाखिल किए गए हैं।
श्री हुसैन ने कहा कि उन्होंने कभी उस व्यक्ति का नाम तक नहीं सुना था, जिसने उनके बेटे असद रज़ा ज़ैदी और पत्नी अफ़साना खातून के खिलाफ फॉर्म 7 दाखिल किया है। ये दोनों उस मोहल्ले के उन 28 मतदाताओं में शामिल थे, जिनके नाम अनुपस्थित/स्थायी रूप से स्थानांतरित या मृत्यु का कारण बताकर हटाने की मांग की गई थी। ये सभी आवेदन भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एक बूथ स्तरीय एजेंट चंद्र शेखर नैनवाल द्वारा दाखिल किए गए थे।