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विधान परिषद चुनाव परिणामों पर मोदी का कांग्रेस पर तंज

बटन हो या बैलेट पेपर परिणाम एक जैसा है

कर्नाटक की चारों सीट हार गयी

सिर्फ ईवीएम को कोसने से क्या होगा

कांग्रेस के आरोपों का ऐसा उत्तर दिया

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार बड़े राज्यों में हुए विधान परिषद (एमएलसी) चुनावों के नतीजों के बाद मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर एक तीखा और रणनीतिक राजनीतिक तंज कसा है। यह चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के बजाय पारंपरिक मतपत्रों (बैलेट पेपर) के माध्यम से कराए गए थे, और शुरुआती दौर में इन चुनावों में कांग्रेस पार्टी का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था, जिसके चलते पार्टी लगभग खाली हाथ रह गई थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए अपने फॉलोअर्स और देश की जनता से सवाल किया कि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक जैसे चार बड़े राज्यों में कुल 28 सीटों पर बैलेट पेपर से हुए इन विधान परिषद चुनावों में आखिर कांग्रेस पार्टी को कितनी सीटें हासिल हुई हैं?

अपने इस ट्वीट के अंत में उन्होंने फेस विद मोनोकल यानी चश्मे के साथ विचार करने वाले इमोजी का इस्तेमाल किया, जो जिज्ञासा, गहन छानबीन और एक व्यंग्यात्मक व संशयवादी दृष्टिकोण को दर्शाता है। पीएम मोदी का यह सीधा निशाना कांग्रेस पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व द्वारा लगातार उठाए जा रहे उन बयानों और आपत्तियों पर था, जिसमें वे ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग से देश में दोबारा बैलेट पेपर से चुनाव कराने की पुरजोर मांग करते रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री ने इन परिणामों के बहाने विपक्ष के उस तर्क की हवा निकालने की कोशिश की है, जिसमें वे अक्सर यह दावा करते हैं कि मतपत्रों से चुनाव होने पर परिणाम विपक्ष के पक्ष में आ सकते हैं। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक में विधान परिषद की कुल 28 सीटों पर हुए इन चुनावों में कांग्रेस पार्टी ने 12 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। हालांकि शुरुआती मतगणना में पार्टी एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हो पाई और उसे करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा।

विशेष तौर पर कर्नाटक में, जहाँ इस समय कांग्रेस पार्टी की अपनी सरकार सत्ता में है, उसे भारी झटका लगा और वह अपनी सभी पुरानी सीटें हार गई। बिहार में भाजपा, जदयू, राजद और जन सुराज पार्टी जैसी अन्य पार्टियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। हालांकि, बाद में लंबी और जटिल वरीयता मतों की गिनती के बाद कांग्रेस ने महाराष्ट्र के नागपुर डिवीजन ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र में एक सीट पर जीत हासिल कर ली, जहाँ उसके उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने भाजपा के सुधाकर कोहले को हराकर लगातार दूसरी बार इस सीट पर कब्जा जमाया। इसके बावजूद, कुल मिलाकर यह चुनाव कांग्रेस के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा राजनीतिक सबक और चर्चा का विषय बन गया है।