विवादों के जारी रहने के बीच नया मामला पकड़ में आया
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कहां से ये वोटर आये पता नहीं
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खुलासा होते ही दो अफसर नपे
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इससे संबंधित कोई दस्तावेज नहीं
राष्ट्रीय खबर
लखनऊः उत्तर प्रदेश के पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची के आंकड़ों में पाई गई गंभीर गड़बड़ियों के बाद राज्य निर्वाचन अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया है। अधिकारियों ने गुरुवार को जानकारी दी कि पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र में 10,470 वोटर एंट्रियों में भारी अनियमितताएं सामने आने के बाद दो वर्तमान और पूर्व निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों के खिलाफ कानूनी व विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं, जबकि एक कंप्यूटर सहायक को बर्खास्त कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के लखनऊ स्थित कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, मामले की गहन जांच में पाया गया कि वोटर रजिस्ट्रेशन सेंटर पर तैनात कंप्यूटर सहायक अनिल कुमार ने 31 मई से 29 अगस्त, 2026 के बीच मतदाता विवरण में बदलाव के लिए 13,779 फॉर्म-8 आवेदन दर्ज किए थे। इनमें से 10,470 आवेदनों को मंजूरी दे दी गई और 3,309 को खारिज कर दिया गया। हालांकि, सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि कार्यालय में इन प्रविष्टियों से संबंधित कोई भी मूल आवेदन पत्र या सहायक दस्तावेज रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं पाए गए।
इस जांच के आधार पर प्राधिकारियों ने दोषी कंप्यूटर सहायक और संबंधित अवधि के दौरान तैनात रहे दोनों निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों—उप-जिलाधिकारी मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी—के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 और भारतीय न्याय संहिता के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पीलीभीत के जिलाधिकारी आलोक कुमार के अनुसार, दोनों एसडीएम अधिकारियों को जिला मुख्यालय से संबद्ध कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है तथा सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
यह पूरा विवाद तब सामने आया जब कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया कि पीलीभीत सदर क्षेत्र में 13,150 मतदाताओं के नाम और पिता के नाम अलग होने के बावजूद उनके मतदाता पहचान पत्र नंबर समान थे। इस गंभीर आरोप के बाद निर्वाचन आयोग ने 10 अप्रैल से 21 अक्टूबर के बीच दर्ज सभी फॉर्म-6 और फॉर्म-7 आवेदनों की एक दिन के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी है तथा अमान्य फॉर्म-8 प्रविष्टियों में नियमानुसार सुधार की प्रक्रिया शुरू कर दी है।