कैमरे में घूस लेने की तस्वीरें वायरल हो गयी
पीड़ित ने शिकायत दर्ज करायी थी
झूठी शिकायत के खिलाफ घूस मांगा
बिचौलिया के खिलाफ भी केस दर्ज हुआ
राष्ट्रीय खबर
बेंगलुरुः लोकायुक्त द्वारा चलाए गए एक गुप्त ऑपरेशन के दौरान केंद्रीय जीएसटी के एक अधीक्षक को कैमरे पर कथित तौर पर 8 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। आरोपी की पहचान दक्षिण कमिश्नरेट के दक्षिण डिवीजन-4 के सेंट्रल जीएसटी सुपरिंटेंडेंट मोहित प्रताप सिंह के रूप में हुई है। लोकायुक्त से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी अधिकारी ने पेंडिंग सेंट्रल जीएसटी बकाए से जुड़े मामलों को निपटाने और एक झूठी शिकायत को बंद करने की एवज में एक व्यवसायी से कथित तौर पर इस घूस की मांग की थी।
लोकायुक्त को दी गई शिकायत में सैयद जमीर नामक व्यक्ति ने आरोप लगाया था कि मोहित प्रताप सिंह ने उनके खिलाफ दर्ज एक फर्जी शिकायत को बंद करने के नाम पर 8 लाख रुपये मांगे थे। शिकायत मिलने के बाद बेंगलुरु सिटी लोकायुक्त के अधिकारियों ने एक सुनियोजित जाल बिछाया और अधिकारी को एक बिचौलिए के माध्यम से पैसे लेते हुए दबोच लिया। लोकायुक्त ने बताया कि इस लेन-देन में सलमान शेख नामक एक निजी व्यक्ति ने बिचौलिए की भूमिका निभाई थी, जिसे इस मामले में सह-आरोपी बनाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई कोरमंगला स्थित केंद्रीय सदन में आरोपी सिंह के आधिकारिक कक्ष के अंदर ही अंजाम दी गई, जहां उन्हें रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।
इस घटना के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (2018 में संशोधित) की धारा 7ए के तहत एक औपचारिक मामला दर्ज कर लिया गया है। लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में आगे की गहन जांच अभी जारी है ताकि इसमें संलिप्त अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके।