एक महीने बाद दोबारा घर लौटते ही जनता का विरोध
पिछले माह भी विरोध झेलना पड़ा था
वहां के टीएमसी ऑफिस को जलाया गया
प्रदर्शनकारियों में भाजपा के लोग भी थे
राष्ट्रीय खबर
कूचबिहारः लगभग एक महीने पहले आधी रात को पत्नी के साथ घर लौटने पर भी वह विरोध प्रदर्शनों से नहीं बच पाए थे। तृणमूल के टिकट पर जीतकर एनसीपीआई में शामिल होने वाले सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया को सितई छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था। इस बार वह सुबह-सुबह तड़के घर लौटे हैं। सुबह यह खबर फैलते ही इलाके में हंगामा मच गया है। संयोगवश, जगदीश के घर के पास ही स्थित तृणमूल का कार्यालय आग में जल गया। यह किसी ने आग लगाई है या महज एक दुर्घटना है, यह अभी स्पष्ट नहीं है। हालांकि, स्थानीय लोगों का एक वर्ग जगदीश के घर लौटने और तृणमूल कार्यालय में हुई इस आग की घटना को आपस में जोड़कर देख रहा है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रविवार को सुबह करीब 5 बजे कूचबिहार के सांसद जगदीश पुलिस सुरक्षा के साथ सितई स्थित अपने आवास पर लौटे। उनके साथ सितई की विधायक संगीता रॉय भी थीं। इसके कुछ ही घंटों के भीतर, दोपहर के वक्त सितई बस स्टैंड के पास स्थित तृणमूल का ब्लॉक पार्टी कार्यालय आग की चपेट में आ गया। खबर मिलते ही सितई थाने की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। कुछ ही देर में स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया।
उसी दौरान सांसद के घर के सामने लोगों की भीड़ जमा होने लगी और नारेबाज़ी शुरू हो गई। प्रदर्शनकारियों में भाजपा कार्यकर्ताओं की संख्या सबसे अधिक थी, हालांकि आम लोग भी उसमें शामिल थे। उनका आरोप है कि पिछले 15 वर्षों से भ्रष्टाचार के जरिए सांसद जगदीश करोड़ों के मालिक बन गए हैं। उनके राइस मिल सहित कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं। इसके अलावा, वह एक राजनीतिक अवसरवादी हैं। एक प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाते हुए कहा, अपने राजनीतिक जीवन में वह कभी फॉरवर्ड ब्लॉक में रहे, कभी तृणमूल में, और अब भाजपा में शामिल होने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन हम उन्हें भाजपा में शामिल नहीं होने देंगे।