अदालत के निर्देश पर पाकिस्तान सरकार ने कार्रवाई की
काफी समय से बीमार हैं पूर्व पीएम
पीटीआई ने पहले ही की थी मांग
शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में हैं
एजेंसियां
इस्लामाबादः पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रीय प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के संस्थापक इमरान खान को गुरुवार आधी रात के बाद चिकित्सीय इलाज के लिए राजधानी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह महत्वपूर्ण कदम एक वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री द्वारा उनकी स्वास्थ्य देखभाल से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने के आश्वासन के कुछ ही घंटों के भीतर उठाया गया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस सप्ताह के शुरुआत में आए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुपालन में उन्हें अदियाला जेल से निकालकर इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में स्थानांतरित किया गया है। हालांकि, पार्टी ने इस संबंध में अभी कोई विस्तृत आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन साझा नहीं किया है।
यह स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है कि आवश्यक मेडिकल जांच और उपचार पूरा होने के बाद इमरान खान को तुरंत वापस जेल भेजा जाएगा या उन्हें चिकित्सीय देखरेख के लिए अस्पताल में ही रखने की अनुमति दी जाएगी। उनके परिवार और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने मांग की है कि उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए उन्हें अस्पताल में ही रहने की अनुमति दी जानी चाहिए।
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के एक प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को इस्लामाबाद के एक अस्पताल से वापस अदियाला जेल भेज दिया गया है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, खान का अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और डॉक्टरों द्वारा उन्हें हिरासत में रखना सुरक्षित माने जाने के बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया गया। खान की स्वास्थ्य जांच के बारे में सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने एक्स पर लिखा, नेत्र विशेषज्ञ, हृदयरोग विशेषज्ञ और एक फिजिशियन सहित योग्य डॉक्टरों की एक टीम ने उनका विस्तृत परीक्षण किया और उन्हें चिकित्सकीय रूप से फिट घोषित किया। उन्होंने आगे कहा, इस पूरी प्रक्रिया के पूरा होने के बाद, उन्हें वापस अदियाला जेल स्थानांतरित कर दिया गया।
यह ताजा घटनाक्रम संसदीय मामलों के मंत्री तारिक फजल चौधरी के उस बयान के कुछ ही घंटों बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से इस बात पर स्पष्टीकरण मांगा है कि क्या इमरान खान को दी गई यह विशेष चिकित्सा राहत केवल पूर्व प्रधानमंत्री तक ही सीमित है या इसे अन्य कैदियों के लिए भी बढ़ाया जा सकता है।
मंत्री ने पूर्व में यह भी आश्वासन दिया था कि यदि किसी सरकारी स्वास्थ्य सुविधा में पर्याप्त देखभाल और इलाज उपलब्ध नहीं होता है, तो सरकार जरूरत पड़ने पर विदेश में इलाज के विकल्पों पर भी विचार कर सकती है। चौधरी की यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट की तीन-न्यायाधीशों की बेंच द्वारा अधिकारियों को दिए गए उस निर्देश के दो दिन बाद आई है, जिसमें खान को स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के चलते मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाने का आदेश दिया गया था। इस मामले पर आगे की प्रशासनिक और न्यायिक प्रतिक्रियाओं का इंतजार है।