गुरदासपुर: चाचा को बचाने गए युवक पर तेजधार हथियारों से हमला, इमरजेंसी के बाहर भी चली रंजिश; पुलिस जांच शुरू
गुरदासपुर (पंजाब): पंजाब के गुरदासपुर जिले में दीनानगर हलके के अंतर्गत आते गांव नारदा में पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच अचानक खूनी झड़प होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
इस हिंसक वारदात में दोनों ही पक्षों के कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी घायलों को उपचार हेतु तत्काल सिविल अस्पताल गुरदासपुर में भर्ती करवाया गया है। घटना के उपरांत दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट व जानलेवा हमले के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, पीड़ित परिवारों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।
⚔️ काम से लौटे युवक पर तेजधार हथियारों से हमला, चाचा को छुड़ाने गया तो हमलावरों ने राहुल को भी किया जख्मी
घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए प्रथम पक्ष के घायल युवक राहुल मसीह ने बताया कि वह शाम को दैनिक काम खत्म कर अपने घर में भोजन कर रहा था।
इसी दौरान उसे सूचना प्राप्त हुई कि गांव के कुछ व्यक्तियों द्वारा उसके चाचा के साथ मारपीट की जा रही है। जब वह तुरंत बीच-बचाव करने मौके पर पहुंचा, तो हमलावरों ने तेजधार हथियारों से उस पर भी सीधा हमला बोल दिया। इस जानलेवा हमले में राहुल मसीह और उसके चाचा दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें लहूलुहान अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया।
🏥 “अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर भी किया दोबारा हमला”: पीड़ित परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
राहुल मसीह ने आरोप लगाते हुए कहा कि हमलावरों के हौसले इतने बुलंद थे कि जब परिजन इलाज के दौरान उसे मेडिकल स्कैन करवाने ले जा रहे थे, तब सिविल अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर भी उन पर दोबारा हमला करने का प्रयास किया गया।
पीड़ित के अनुसार, मुख्य हमलावरों में से चार युवक उनके अपने ही गांव नारदा के निवासी हैं, जबकि अन्य बाहरी युवकों को विशेष रूप से मारपीट करने हेतु बुलाया गया था।
⚖️ दूसरे पक्ष ने आरोपों को बताया बेबुनियाद, पुलिस से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
दूसरी ओर, जब इस विवाद के संबंध में दूसरे पक्ष से संपर्क किया गया तो उन्होंने प्रथम पक्ष द्वारा लगाए गए समस्त आरोपों को निराधार बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया।
दूसरे पक्ष का कहना है कि वे अपना संपूर्ण विवरण व साक्ष्य पुलिस अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। फिलहाल पुलिस प्रशासन द्वारा मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गहनता से जांच की जा रही है। गांव नारदा में तनाव को देखते हुए पीड़ित परिवारों ने मांग की है कि घटना के वास्तविक कारणों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए।