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बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गयी

मौसम के करवट लेने से केरल में फिर से परेशानियां बढ़ी

कई इलाकों में घर ढह गये हैं

कई शव राहत दल ने खोजे हैं

राज्य में 209 राहत शिविर खोले

राष्ट्रीय खबर

तिरुअनंतपुरमः केरल में मूसलाधार बारिश और बाढ़ ने जन-जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिसमें मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। रविवार को बारिश की तीव्रता में कुछ कमी दर्ज की गई, लेकिन बाढ़ से उपजी तबाही और राहत कार्यों की चुनौती अभी भी बनी हुई है।

इस त्रासदी में जान गंवाने वालों में बच्चों और मछुआरों सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हैं। कोझिकोड के कप्पड तट पर दो वर्षीय मज़िन का शव मिला, जबकि कोट्टायम के वाकथनम में जल जीवन मिशन परियोजना के लिए खोदे गए एक गड्ढे में गिरने से 11 वर्षीय मिलन के. शिनु की मौत हो गई। कन्नूर में नाबालिग रारिश ने दम तोड़ दिया। इडुक्की के थोडुपुझा में भूस्खलन के कारण घर ढहने से 69 वर्षीय सुमति की मृत्यु हो गई। साथ ही, मुथलपोज़ी के पास नाव पलटने से लापता हुए दो मछुआरों, फ्रीमन और एंटनी के शव भी बचाव दलों ने बरामद कर लिए हैं।

मुख्यमंत्री वी. सतीसन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राहत कार्यों की जानकारी दी। राज्य के 209 राहत शिविरों में अब तक 5,792 लोगों को सुरक्षित स्थानांतरित किया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्राकृतिक आपदा ने बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुँचाया है, जिसमें 27 घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं और 196 घरों को आंशिक रूप से क्षति पहुँची है।

विशेष रूप से पथानामथिट्टा जिले का रानी क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। यहाँ बाढ़ के पानी ने व्यापारियों की दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे भारी मात्रा में सामान बह गया और आर्थिक नुकसान हुआ है। रानी के विधायक पझकुलम मधु ने राज्य सरकार से प्रभावित व्यापारियों को तत्काल राहत और आर्थिक सहायता देने की पुरजोर अपील की है। फिलहाल, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन बल स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए हैं और राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं।