रूसी सैन्य वाहनों की खेप को वहां पहुंचाया गया
बमाकोः रूस द्वारा प्रतिबंधित मालवाहक जहाज मिखाइल ब्रिटनेव के माध्यम से माली को सैन्य वाहनों की एक बड़ी खेप भेजे जाने का मामला सामने आया है। बीबीसी वेरिफाई की जांच से पता चला है कि इन हथियारों का उपयोग माली में विद्रोही गुटों और जिहादी समूहों के खिलाफ रूसी और माली सैनिकों द्वारा किया जा रहा है। 25 जुलाई को माली के सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित फुटेज में बमाको में बख्तरबंद वाहनों के एक बड़े काफिले को आते हुए देखा गया, जिसे टोगो के लोम बंदरगाह से लाया गया था।
शिप ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, यह जहाज 18 जून को रूस के बाल्टिस्क बंदरगाह से निकला था और इंग्लिश चैनल से गुजरते समय इसे एक रूसी युद्धपोत द्वारा एस्कॉर्ट किया गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि सैटेलाइट तस्वीरों में जहाज पर जो ट्रक, बख्तरबंद कार्मिक वाहक और हल्के पैदल सेना के वाहन दिख रहे थे, वही अब माली की राजधानी में पहुंच चुके हैं। 2024 में अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित किया गया मिखाइल ब्रिटनेव इंग्लिश चैनल पार करने के बाद अपना ट्रांसपोंडर बंद कर लिया था, जिससे इसकी सटीक लोकेशन कुछ समय के लिए छिप गई थी।
यह खेप माली के सैन्य जुंटा के लिए रूस के बढ़ते समर्थन को दर्शाती है, जो जिहादी समूह JNIM और तुआरेग अलगाववादियों के आक्रामक हमलों का सामना कर रहा है। 2022 में फ्रांसीसी सेना के माली से हटने के बाद से ही क्रेमलिन ने वहां अपनी पकड़ मजबूत की है। पहले वहां वैगनर समूह सक्रिय था, लेकिन अब रूसी रक्षा मंत्रालय के अधीन अफ्रीका कॉर्प्स यह कमान संभाले हुए है। माली के बदले में रूस को नकद भुगतान और सोने की खदानों तक पहुंच मिल रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह नई सैन्य खेप माली और रूसी बलों को विद्रोहियों के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में जवाबी हमले करने में सक्षम बनाएगी। इन वाहनों को टोगो और बुर्किना फासो के रास्ते माली पहुँचाया गया है। टोगो, जिसने पिछले साल रूस के साथ सैन्य सहयोग समझौता किया है, इस रसद आपूर्ति में एक प्रमुख कड़ी बनकर उभरा है। यह घटनाक्रम न केवल अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की अनदेखी को दर्शाता है, बल्कि अफ्रीकी देशों में रूस के बढ़ते सैन्य हस्तक्षेप की एक गंभीर तस्वीर भी पेश करता है।