बरनाला लाठीचार्ज के विरोध में 27 जुलाई को ‘पंजाब बंद’ का ऐलान, जालंधर में वाल्मीकि समाज का बड़ा फैसला
जालंधर: पंजाब के बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में पूरे प्रदेश में वाल्मीकि समाज और सफाई संगठनों का रोष लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी घटना के विरोध स्वरूप जालंधर के वाल्मीकि समाज ने राज्यव्यापी ‘पंजाब बंद’ (Punjab Bandh) का बड़ा ऐलान किया है। समाज के प्रमुख प्रतिनिधियों ने 27 जुलाई को पूरे पंजाब को पूर्ण रूप से बंद रखने की घोषणा करते हुए सभी वर्गों से शांतिपूर्ण सहयोग की अपील की है।
वाल्मीकि समाज के नेताओं ने कड़े शब्दों में कहा कि बरनाला की घटना से समाज में भारी नाराजगी और रोष व्याप्त है। इसके विरोध में लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से पंजाब बंद रखा जाएगा। उन्होंने आम जनता, व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और विभिन्न वर्गों से सफाई कर्मचारियों के हक में इस बंद को सफल बनाने का आग्रह किया।
🏫 27 जुलाई को स्कूल, कॉलेज और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील, राज्यभर में विरोध प्रदर्शन की तैयारी
समाज के प्रतिनिधियों ने विशेष रूप से अपील की है कि 27 जुलाई को राज्य के सभी स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थान भी बंद रखे जाएं, ताकि सफाई कर्मचारियों के समर्थन में पूरी एकजुटता दिखाई जा सके।
पंजाब बंद के आह्वान के मद्देनजर राज्य के विभिन्न जिलों में विरोध प्रदर्शन, धरनों और रोष मार्च की तैयारियां जोर-शोर से शुरू कर दी गई हैं। उल्लेखनीय है कि स्कूल-कॉलेज बंद रहने की बात वाल्मीकि समाज द्वारा जारी की गई सार्वजनिक अपील और घोषणा पर आधारित है।
🤝 समाज के कई प्रमुख प्रतिनिधि रहे मौजूद, एकजुट होकर संघर्ष तेज करने का लिया संकल्प
इस महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता और घोषणा के अवसर पर विपन सभ्रवाल (चेयरमैन, भवन वाल्मीकि आश्रम शक्ति नगर, जालंधर), हैप्पी सोंधी, दीपक तेलु, राजीव गोरा, चेतन नाहर, गुलजार खोसला, हरीश महिमा, विक्की, अज्जु और ऋषि सोंधी सहित वाल्मीकि समाज के कई वरिष्ठ प्रतिनिधि और सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे।