भारत-न्यूजीलैंड रणनीतिक साझेदारी: पीएम मोदी और क्रिस्टोफर लक्सन की मुलाकात से रिश्तों को मिली नई मजबूती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दो दिवसीय आधिकारिक न्यूजीलैंड दौरा भारत-न्यूजीलैंड संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ है। ऑकलैंड में संपन्न इस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को औपचारिक रूप से ‘रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक पहुँचाने पर सहमति जताई। साथ ही, साल 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर लगभग 35,000 करोड़ रुपये (7 बिलियन न्यूजीलैंड डॉलर) तक ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया है।
🕉️ सांस्कृतिक जुड़ाव बना रिश्तों का मजबूत आधार
इस कूटनीतिक सफलता के पीछे सांस्कृतिक जुड़ाव, आस्था और भारतीय समुदाय की सक्रिय भूमिका को अहम माना जा रहा है। विशेष रूप से BAPS स्वामीनारायण समुदाय ने भारत और न्यूजीलैंड के बीच सामाजिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सितंबर 2023 में ऑकलैंड स्थित BAPS मंदिर में जन्माष्टमी समारोह के दौरान, तत्कालीन विपक्ष के नेता क्रिस्टोफर लक्सन ने भारतीय समुदाय की निस्वार्थ सेवा की सराहना की थी। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी, लक्सन ने भारतीय समुदाय के योगदान को लगातार रेखांकित किया है।
🏛️ प्रधानमंत्री लक्सन का अक्षरधाम दौरा और साझा विजन
मार्च 2025 में, न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन अपने आधिकारिक भारत दौरे के दौरान नई दिल्ली स्थित स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर पहुंचे। इस यात्रा ने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों की एक मजबूत डोर तैयार की। लक्सन ने हिंदू समुदाय की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय समुदाय ने न्यूजीलैंड को अधिक समृद्ध और विविधतापूर्ण बनाने में अद्वितीय योगदान दिया है।
🎙️ ‘किया ओरा मोदी’: मित्रता का महा-उत्सव
ऑकलैंड में प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत हुआ, जहाँ 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला दौरा था। 10 हजार से अधिक प्रवासियों की उपस्थिति में आयोजित ‘किया ओरा मोदी’ कार्यक्रम में पीएम मोदी और पीएम लक्सन ने मंच साझा किया। प्रधानमंत्री मोदी ने माओरी संस्कृति के प्रतीक ‘वाका’ का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत और न्यूजीलैंड अब एक नई साझी यात्रा शुरू करने के लिए तैयार हैं। यह आयोजन केवल भारतीय प्रवासियों का कार्यक्रम नहीं, बल्कि दोनों देशों की अटूट मित्रता का उत्सव रहा।
🌏 भविष्य की ओर बढ़ते कदम
BAPS स्वामीनारायण संस्था ने भारत और न्यूजीलैंड के बीच आपसी विश्वास और निस्वार्थ सेवा की भावना को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है। रक्षा, समुद्री सुरक्षा और व्यापार जैसे क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग के साथ-साथ सांस्कृतिक और सामाजिक रिश्तों ने इन संबंधों को नई ऊंचाइयां दी हैं। पिछले तीन वर्षों की घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सबसे मजबूत अंतरराष्ट्रीय समझौते वही होते हैं, जो साझे मानवीय मूल्यों और स्थायी सामुदायिक भावना की नींव पर टिके हों।