विदेशियों के मामले में सरकार को निर्देश
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असम से लापता जवान का शव कोटा में
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अरुणाचल में बाढ़ और भूस्खलन का कहर
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97 हजार से अधिक प्रभावित, बारह की मौत
भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटी: सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में गौहाटी उच्च न्यायालय के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसने 27 व्यक्तियों को विदेशी घोषित करने के फैसले को बरकरार रखा था। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने इन मामलों को नए सिरे से विचार करने के लिए संबंधित विदेशी न्यायाधिकरणों (फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल) के पास वापस भेज दिया है।
शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि नागरिकता का निर्धारण पूरी तरह से निष्पक्ष, वैध और उचित प्रक्रिया के तहत होना चाहिए। हालांकि, कोर्ट ने यह भी साफ किया कि विदेशी अधिनियम, 1946 की धारा 9 के तहत नागरिकता साबित करने का वैधानिक बोझ व्यक्ति पर ही रहेगा। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि पुरानी मतदाता सूची में नाम की स्पेलिंग और टाइपिंग की गलतियों जैसे तकनीकी आधारों पर उन्हें विदेशी घोषित कर दिया गया था।
असम के बोंगाईगांव जिले के निवासी और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवान अमरेंद्र रे, जो पिछले एक सप्ताह से लापता थे, राजस्थान के कोटा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर मृत पाए गए। वह 2 जुलाई को चले थे और 4 जुलाई को आगरा से ट्रेन पकड़ने के बाद उनका अपने परिवार से संपर्क टूट गया था। उनके पास मिले आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर उनकी पहचान सुनिश्चित की गई।
लगातार हो रही भारी बारिश के कारण अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के अनुसार, इन आपदाओं में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है और 97,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। करीब 425 गांव बाढ़ की चपेट में हैं और 541.75 हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूबने से फसलें बर्बाद हो गई हैं। कुरुंग कुमे जिले की कुमे नदी में आई अचानक बाढ़ से कई पुल बह गए हैं, जिससे पारसी-पारलो सर्कल और दामिन सबडिवीजन का संपर्क टूट गया है। प्रशासन द्वारा प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं।