कमेटी और राज्य सरकार की जांच अलग अलग जारी
राष्ट्रीय खबर
देहरादून: श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के एक कर्मचारी को वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बाद निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई तब हुई जब एक चार सदस्यीय दल ने मंगलवार को बद्रीनाथ धाम में दान के प्रबंधन में कथित गड़बड़ी की जांच शुरू की। बीकेटीसी एक वैधानिक निकाय है जो उत्तराखंड में बद्रीनाथ मंदिर और अन्य पूजनीय तीर्थस्थलों का प्रबंधन करता है।
मीडिया से बात करते हुए बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया अनियमितताएं पाए जाने के बाद मंदिर समिति में निजी सचिव के रूप में कार्यरत कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया गया है। इस बीच, मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने भी अपनी एक स्वतंत्र जांच समिति का गठन किया है। गढ़वाल मंडल के आयुक्त इस तीन सदस्यीय समिति के अध्यक्ष होंगे। पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह समिति 15 दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट और सिफारिशें सरकार को सौंपेगी।
बीकेटीसी अध्यक्ष द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि समिति भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाती है। यदि जांच के दौरान कोई भी कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह पूरा मामला तब सामने आया जब बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की गिनती के दौरान अनियमितताओं के आरोप सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे।
इसके बाद भैरव सेना नामक संगठन ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई और मामले की जांच व एफआईआर दर्ज करने की मांग की। शिकायत के बाद बीकेटीसी ने पिछले सप्ताह चार सदस्यीय पैनल का गठन किया था, जिसमें वित्त नियंत्रक हेम कांडपाल, कानूनी अधिकारी एसएस बर्तवाल, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजन नैथानी और केदारनाथ के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डीएस भुजवान शामिल हैं। इस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, संबंधित कर्मचारियों के बयानों और अन्य दस्तावेजों के आधार पर अपनी जांच शुरू कर दी है।
इस बीच, मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरे बदले जाने पर भी सवाल उठाए गए। हालांकि, बीकेटीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि कैमरों को बदलना एक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा था और पुराने डीवीआर का पूरा रिकॉर्ड जांच के लिए सुरक्षित रख लिया गया है। अयोध्या के राम मंदिर में भी चढ़ावे की चोरी के ऐसे ही आरोपों के बीच, बद्रीनाथ धाम में यह मामला सामने आने के बाद कांग्रेस ने राज्य की पुष्कर सिंह धामी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इस पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच या विधानसभा की संयुक्त समिति से जांच कराने की मांग की है।