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अरुणाचल प्रदेश के तेजू में भारी बारिश से खतरा बढ़ा

भूस्खलन से दो की मौत तीन और लापता

उत्तरपूर्व संवाददाता

गुवाहाटीः अरुणाचल प्रदेश के लोहित जिले में तेजू के पास स्थित शिवाजी नगर इलाके में भारी बारिश के कारण हुए भीषण भूस्खलन में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि तीन अन्य लोग अभी भी लापता हैं। यह इलाका सुबह से ही मूसलाधार बारिश का सामना कर रहा था।

आशंका जताई जा रही है कि मृतक और लापता लोग इलाके में निर्माण कार्य में लगे मजदूर थे। इस बीच, राज्य में बाढ़ से हुए भारी नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल अरुणाचल प्रदेश का दौरा करने वाला है। यह दल निचले सियांग जिले के नारी-कोयू विधानसभा क्षेत्र के सबसे अधिक प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेगा। इस सर्वेक्षण के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री पेमा खांडू भी केंद्रीय टीम के साथ मौजूद रहेंगे।

मुख्यमंत्री खांडू ने ईटानगर में गालो वेलफेयर सोसाइटी, गालो बेल्ट के विधायकों और समुदाय के नेताओं के साथ बाढ़ की स्थिति तथा राहत-पुनर्वास उपायों पर चर्चा के लिए बुलाई गई एक आपातकालीन बैठक में यह घोषणा की। बैठक में अपर रामले बांग्गो और लीकाबाली, नारी-कोयू व बसर के प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया।

गौरतलब है कि सुबह निचले सियांग और लेपाराडा जिलों के कई गांवों में बादल फटने और उसके बाद आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी। बाढ़ के कारण कई सड़कें, पुल, घर और सरकारी बुनियादी ढांचे पूरी तरह बह गए। कृषि और बागवानी से समृद्ध इस क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचा है, साथ ही मवेशी और मछलियां भी बह गईं। रिपोर्ट्स के अनुसार, आज तक 15 से अधिक गांव राज्य के बाकी हिस्सों से कटे हुए हैं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है, लेकिन पीने के पानी और खाद्य पदार्थों की भारी कमी है। आवश्यक सामग्री गिराने के लिए निजी हेलीकॉप्टरों और ईंधन ले जाने के लिए हाथियों की मदद ली गई है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पर्याप्त नहीं है। कुछ लोगों के बीमार पड़ने की भी सूचना है।

बैठक में बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन से हुए नुकसान और प्रभावित समुदायों की चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा हुई। गालो वेलफेयर सोसाइटी के अनुरोध पर मुख्यमंत्री ने बताया कि वह 8 जुलाई को कोयू सर्कल का दौरा करने वाली केंद्रीय टीम के साथ हवाई सर्वेक्षण करेंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता, समय पर राहत और कनेक्टिविटी बहाल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।