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कांग्रेस ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से इस्तीफा मांगा

ऑपरेशन सिंदूर में सैनिकों की मौत का सच छिपाने का मामला

  • संसद के भीतर झूठ क्यों कहा

  • सेना का राजनीतिकरण किया है

  • मोदी को भी माफी मांगनी होगी

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः ऑपरेशन सिंदूर के दौरान छह सैन्य कर्मियों की मृत्यु के मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपने हमले तेज कर दिए हैं। सोमवार, 29 जून 2026 को कांग्रेस ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के इस्तीफे की मांग की। पार्टी का आरोप है कि रक्षा मंत्री ने संसद में यह झूठ बोला कि इस ऑपरेशन में किसी भी भारतीय सैनिक की जान नहीं गई है। इसके साथ ही, कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इस मामले पर सार्वजनिक माफी की मांग की है।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग के अध्यक्ष कर्नल रोहित चौधरी (सेवानिवृत्त) और विंग कमांडर अनुमा आचार्य (सेवानिवृत्त) ने आरोप लगाया कि मई 2025 के इस ऑपरेशन में शहीद हुए भारतीय सेना के पांच और भारतीय वायु सेना के एक जवान की मौतों को छिपाकर मोदी सरकार ने उन्हें मिलने वाले उचित सार्वजनिक सम्मान और पहचान से वंचित रखा है। विंग कमांडर आचार्य ने दावा किया कि पिछली सरकारें देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले हर सैनिक को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करती रही हैं, जबकि मौजूदा सरकार ने सशस्त्र बलों का राजनीतिकरण किया है।

कर्नल चौधरी ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया कि वह सशस्त्र बलों के नाम पर वोट मांगते समय सैनिकों को मोहरे के रूप में उपयोग करती है। उन्होंने कहा, जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह संसद में यह झूठ बोल रहे थे कि कोई सैनिक शहीद नहीं हुआ है, तब भाजपा सांसद तालियां बजा रहे थे। राजनाथ सिंह ने देश की सेना और सैनिकों का अपमान किया है। कांग्रेस ने यह सवाल भी उठाया कि इन शहीदों के नामों को सार्वजनिक करने में 13 महीने का लंबा समय क्यों लगा। कांग्रेस ने अपनी मांगों की सूची रखते हुए कहा कि वह नेतृत्व से रक्षा मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने का आग्रह करेगी। साथ ही, पार्टी ने अग्निपथ भर्ती योजना को रद्द करने की अपनी पुरानी मांग को फिर से दोहराया।

दूसरी ओर, सरकार ने विपक्ष के इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। सरकार का तर्क है कि राष्ट्र ने जल्द से जल्द अवसर मिलते ही शहीद कर्मियों को श्रद्धांजलि दी है और उनकी स्मृति को पूरी गरिमा और श्रद्धा के साथ सम्मानित किया गया है। रक्षा मंत्रालय ने आलोचकों पर यह भी आरोप लगाया कि वे जुलाई 2025 में संसद में दिए गए रक्षा मंत्री के बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं, ताकि यह झूठा दावा किया जा सके कि उन्होंने सैनिकों की मौत से इनकार किया था।