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जांच दल को अंतरराज्यीय गिरोह की सक्रियता का पता चला

महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक में नई जानकारी मिली

  • दो आरोपी बिहार के निवासी है

  • तीसरे आरोपी का घर हरियाणा

  • कई धाराओं में केस दर्ज हुआ है

राष्ट्रीय खबर

मुंबईः महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पेपर लीक मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जांच से पता चला है कि यह मामला एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़ा हो सकता है। गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों में से दो बिहार के हैं, जबकि तीसरा आरोपी, धीरज कुमार, हरियाणा का निवासी है। इस मामले का दायरा बढ़ने के साथ ही, पुलिस की टीमें अब बिहार, हरियाणा और दिल्ली के लिए रवाना हो गई हैं ताकि इस संगठित अपराध के मुख्य सरगनाओं तक पहुँचा जा सके।

सभी तीनों आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं। अधिकारियों द्वारा यह भी विचार किया जा रहा है कि क्या दोषियों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस को 27 जून की सुबह भिवंडी में टीईटी प्रश्न पत्र बेचने की कोशिश के बारे में गुप्त सूचना मिली थी।

इसके आधार पर कोंगाव क्षेत्र में जाल बिछाकर राजीव शाह, आकाश कुमार और धीरज कुमार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके पास से मोबाइल फोन, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, नकदी और 28 जून को होने वाली परीक्षा के प्रश्न पत्रों की चार भौतिक प्रतियां जब्त कीं। बाद में, महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद के अधिकारियों ने पुष्टि की कि जब्त किए गए पेपर वास्तविक परीक्षा पत्रों से मेल खाते हैं।

आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं, महाराष्ट्र प्रतियोगी परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 और 1982 के कदाचार रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। एमएससीई की उपायुक्त प्रिया शिंदे ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा दोबारा आयोजित होने पर उम्मीदवारों को न तो फिर से पंजीकरण करना होगा और न ही कोई अतिरिक्त शुल्क देना होगा।

इस लीक के कारण राज्य के स्कूली शिक्षा मंत्री दादा भुसे विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं, और उनसे इस्तीफे की मांग की जा रही है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री भुसे ने कहा कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी, जो टीईटी और अन्य राज्य-स्तरीय परीक्षाओं को ऑनलाइन मोड में आयोजित करने की कार्यप्रणाली तैयार करेगी। यह घटना राज्य की परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है।