तपन कुमार डेका के नाम की चर्चा के बीच बदलाव हुआ
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः भारत सरकार ने देश की आंतरिक सुरक्षा और खुफिया तंत्र को मजबूती प्रदान करते हुए एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। हाल ही में जारी एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, 1993 बैच के आंध्र प्रदेश कैडर के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी महेश दीक्षित को इंटेलिजेंस ब्यूरो का नया निदेशक नियुक्त किया गया है। वे निवर्तमान निदेशक तपन कुमार डेका का स्थान लेंगे, जिनका कार्यकाल 30 जून, 2026 को समाप्त हो रहा है।
महेश दीक्षित की नियुक्ति को सुरक्षा प्रतिष्ठान में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वे न केवल एक अनुभवी आईपीएस अधिकारी हैं, बल्कि शैक्षणिक रूप से एक प्रशिक्षित चिकित्सा डॉक्टर भी हैं। उनका करियर विविधतापूर्ण रहा है, जिसमें उन्होंने देश के सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ नगालैंड और बिहार जैसे चुनौतीपूर्ण राज्यों में भी कार्य किया है, जिससे उन्हें जमीनी स्तर की सुरक्षा चुनौतियों का गहरा अनुभव प्राप्त है।
दीक्षित का जम्मू-कश्मीर डेस्क का अनुभव उनकी नियुक्ति के पीछे एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। वे 2009 से 2012 तक जम्मू-कश्मीर में आईबी के उप निदेशक रहे, जिसके बाद 2012 से 2015 तक उन्होंने नगालैंड में अपनी सेवाएं दीं। उनकी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका 2020 से 2024 के बीच रही, जब उन्होंने जम्मू-कश्मीर में सब्सिडियरी इंटेलिजेंस ब्यूरो का प्रभार संभाला। इस दौरान उन्होंने अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद के संवेदनशील कालखंड में सुरक्षा तैयारियों और खुफिया आधारित ऑपरेशंस का कुशलतापूर्वक नेतृत्व किया। वर्तमान में वे उन गृह मंत्रालय के चुनिंदा अधिकारियों में शामिल हैं, जो लद्दाख के नागरिक समाज के नेताओं के साथ वार्ता प्रक्रिया में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं।
नियुक्ति और सेवा विस्तार की शर्तें मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने गुरुवार, 25 जून 2026 को इस नियुक्ति को औपचारिक मंजूरी दी। सरकारी आदेश के मुताबिक, महेश दीक्षित अपना पद संभालने की तारीख से दो साल के कार्यकाल के लिए इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे। यह ध्यान देने योग्य है कि महेश दीक्षित अगस्त 2027 में सेवानिवृत्त होने वाले थे, लेकिन उनकी विशेषज्ञता और देश की सुरक्षा आवश्यकताओं को देखते हुए सरकार ने उन्हें सेवा विस्तार प्रदान किया है।