नीस में भारत इनोवेट्स 2026 का औपचारिक उदघाटन
एजेंसियां
नीसः फ्रांस के नीस शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने संयुक्त रूप से भारत इनोवेट्स 2026 सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने तकनीकी क्षेत्र में आपसी विश्वास और सहयोग को भविष्य की प्राथमिकता बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को नवाचार और विकास के लिए सबसे बेहतरीन केंद्र के रूप में पेश किया।
उन्होंने दुनिया भर के निवेशकों, विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और उद्यमियों को आमंत्रित करते हुए कहा, भारत आएं, भारत में डिजाइन करें, भारत में विकास करें और दुनिया के लिए समाधान तैयार करें। उन्होंने रेखांकित किया कि एक दशक पहले भारत को केवल तकनीक अपनाने वाले देश के रूप में देखा जाता था, लेकिन आज भारत तकनीक प्रदान करने वाले देश के रूप में उभर रहा है। उन्होंने रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की हालिया उपलब्धियों का विशेष उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री ने शांति अधिनियम का जिक्र करते हुए कहा कि इसके माध्यम से परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी भागीदारी को मिली अनुमति से स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत रिएक्टरों के क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा हुई हैं।
राष्ट्रपति मैक्रों ने तकनीक में विश्वास की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने परोक्ष रूप से अमेरिका की ओर इशारा करते हुए कहा कि हाल के दिनों में एआई मॉडल को बंद करने और उसे केवल एक शक्ति उपकरण के रूप में सीमित रखने का प्रलोभन बढ़ा है। उन्होंने जोर दिया कि भारत और फ्रांस सच्ची साझेदारी और सहयोगात्मक एआई में विश्वास रखते हैं। मैक्रों ने भारत के चंद्रयान-3 मिशन की प्रशंसा करते हुए इसे नवाचार और औद्योगिक अनुप्रयोग का एक बेहतरीन उदाहरण बताया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फ्रांस मेक इन इंडिया का सम्मान करता है और इसका हिस्सा बनने के लिए प्रतिबद्ध है।
सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी उपस्थित थे। गोयल ने कहा कि आज के भू-राजनीतिक उथल-पुथल के दौर में दुनिया को विश्वसनीय भागीदारों की तलाश है, और भारत वही भरोसा प्रदान करता है। कार्यक्रम के बाद दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी हुई।