पुणे: पुणे महानगरपालिका के महापौर कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद बुधवार को शहर में हड़कंप मच गया। धमकी भरे ई-मेल में महापौर कार्यालय के साथ-साथ विधान भवन और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय में भी बम रखे जाने का दावा किया गया था। सुरक्षा एजेंसियों की गहन जांच के बाद यह मामला पूरी तरह से ‘बम की अफवाह’ (Hoax) साबित हुआ है।
📧 ई-मेल से मची अफरातफरी
पुलिस के अनुसार, 10 जून 2026 की सुबह 8:21 बजे महापौर कार्यालय की आधिकारिक ईमेल आईडी पर एक धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ। कार्यालय के कर्मचारियों ने जब सुबह 10:15 बजे इस ई-मेल को देखा, तो तुरंत अधिकारियों को सूचित किया गया। इसके बाद 10:35 बजे शिवाजीनगर पुलिस को मामले की जानकारी दी गई।
🕵️ BDDS की गहन जांच और सुरक्षा व्यवस्था
सूचना मिलते ही पुलिस और बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (BDDS) की टीम सक्रिय हो गई। सुबह 10:54 बजे से लेकर दोपहर 1:15 बजे तक पूरी महानगरपालिका इमारत, महापौर कार्यालय और आसपास के परिसरों की चप्पे-चप्पे पर तलाशी ली गई। सुरक्षा के मद्देनजर शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन के 30 से अधिक पुलिसकर्मियों, RCP-I टीम और अग्निशमन दल को तैनात किया गया था। जांच के दौरान कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
🔍 पुलिस की साइबर टीम जुटी जांच में
पुलिस ने पुष्टि की है कि यह एक शरारतपूर्ण कृत्य है। फिलहाल साइबर पुलिस की टीम धमकी भरे ई-मेल के स्रोत और आईपी एड्रेस (IP Address) का पता लगाने में जुटी है। अफवाह फैलाने वाले व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मोती बाग स्थित आरएसएस कार्यालय और काउंसिल हॉल की भी सुरक्षा जांच की गई है, जहाँ स्थिति पूरी तरह सामान्य पाई गई है।