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अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले की विपक्ष ने कड़ी निंदा की

भाजपा की प्रतिशोध की राजनीति का घिनौना रूप सामने आ गया

  • टीएमसी ने हमलावरों की पहचान बता दी

  • देश भर के इस घटना की आलोचना हुई है

  • हेलमेट की वजह से उनका सर बच गया

राष्ट्रीय खबर

कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए जानलेवा हमले को लेकर देश का राजनीतिक तापमान चरम पर पहुंच गया है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल सहित देश भर के प्रमुख विपक्षी नेताओं ने इस घटना की तीखी आलोचना की है। विपक्ष ने इसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रतिशोध और नफरत की राजनीति का घिनौना चेहरा करार दिया है।

यह घटना कोलकाता के बाहरी इलाके में स्थित राजपुर-सोनारपुर नगर पालिका के वार्ड नंबर-9 (कामरबाद) में हुई। डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी चुनाव बाद हुई हिंसा में मारे गए टीएमसी कार्यकर्ता संजू कर्माकर के पीड़ित परिवार से मिलने मोटरसाइकिल पर सवार होकर जा रहे थे। इसी दौरान उग्र भीड़ ने उन्हें घेर लिया। प्रदर्शनकारियों, जिनमें बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं शामिल थीं, ने उन पर पत्थरों, ईंटों, जूतों और अंडों से हमला कर दिया। टीएमसी ने अपनी तरफ से हमलावरों का फोटो जारी करते हुए उन्हें भाजपा का कार्यकर्ता करार दिया है।

भीड़ ने उनके साथ धक्का-मुक्की की, जिससे उनके कपड़े फट गए और चश्मा टूट गया। अपनी जान बचाने के लिए अभिषेक बनर्जी को तुरंत एक क्रिकेट हेलमेट पहनना पड़ा। कुछ सहयोगियों, सुरक्षाकर्मियों और पत्रकारों की मदद से वे किसी तरह भीड़ के चंगुल से निकलकर पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। बाद में भारी संख्या में पहुंची पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की टुकड़ी ने उन्हें सुरक्षित घेरे में बाहर निकाला, जिसके बाद प्राथमिक उपचार के लिए उन्हें कोलकाता के एक अस्पताल ले जाया गया।

इस हमले के बाद टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर बेहद कड़े शब्दों में लिखा, शासक ही हत्यारे बन गए—शर्म करो भाजपा। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सुरक्षा में हुई इस गंभीर चूक को राजनीतिक विद्वेष का परिणाम बताया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हमले को अत्यंत निंदनीय बताते हुए कहा, एक सांसद पर हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं है, बल्कि यह उन्हें चुनने वाली जनता और हमारे लोकतंत्र पर हमला है। राजनीतिक मतभेद कभी भी हिंसा को जायज नहीं ठहरा सकते। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने संवेदनशील माहौल के बावजूद पुलिस बल की अनुपस्थिति को एक बड़ी साजिश करार दिया। आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने विपरीत परिस्थितियों में भी पीड़ित परिवार से मिलने जाने के लिए अभिषेक बनर्जी के साहस की सराहना की और आरोप लगाया कि भाजपा जहां भी सत्ता में आती है, वहां विपक्ष को डराने और हिंसा का माहौल बनाने का काम करती है।

इस पूरे मामले पर टीएमसी का आरोप है कि बंगाल में नवगठित भाजपा सरकार के संरक्षण में यह हमला पूर्व-नियोजित तरीके से भाजपा के गुंडों द्वारा किया गया था। उनका कहना है कि सरकार बनने के कुछ ही हफ्तों के भीतर राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है।  दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने इस हमले की निंदा तो की, लेकिन अपनी पार्टी की किसी भी संलिप्तता से साफ इनकार किया।