राज्यगान और मेकेदातु परियोजना पर खास बातचीत
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पूरी सूची साथ लेकर आये थे सीएम
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कावेरी जल विवाद का मुद्दा भी उठा
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कर्नाटक ने पहले ही की है अपनी मांग
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः तमिलनाडु के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने आज दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस महीने की शुरुआत में सत्ता संभालने के बाद देश की राजधानी का यह उनका पहला आधिकारिक दौरा था। करीब 20 मिनट तक चली इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने तमिलनाडु से जुड़े विभिन्न मुद्दों की एक सूची पेश की और प्रधानमंत्री से उन पर विचार करने का आग्रह किया।
विजय ने हाल ही में हॉलैंड से प्राचीन ताम्रपत्रों को वापस लाने के लिए पीएम मोदी का आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने कर्नाटक सरकार द्वारा मेकेदातु में बांध परियोजना के निर्माण की घोषणा के संवेदनशील मुद्दे को भी उठाया, जिससे निचले प्रवाह वाले राज्य तमिलनाडु में पानी की उपलब्धता प्रभावित होगी।
प्रधानमंत्री से उनका एक और बड़ा अनुरोध यह था कि सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत में राज्य गान (तमिल थाई वाजथु) बजाने की अनुमति दी जाए। यह अनुरोध केंद्रीय गृह मंत्रालय के जनवरी के उस आदेश के संदर्भ में किया गया था, जिसमें कहा गया था कि जब भी राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान एक साथ बजाए जाएं, तो बंगाली कवि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा लिखित वंदे मातरम के सभी छह अंतरे पहले गाए जाने चाहिए। गौरतलब है कि विजय के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान पहले वंदे मातरम का पूरा गायन हुआ था, जिसके बाद राष्ट्रगान जन गण मन और फिर राज्य गीत तमिल थाई वाजथु गाया गया था।
मेकेदातु जल विवाद पर विजय ने प्रधानमंत्री से कहा कि दोनों राज्यों की सीमा के करीब इस क्षेत्र में बांध बनाने का कर्नाटक सरकार का कोई भी एकतरफा कदम कावेरी जल न्यायाधिकरण और सुप्रीम कोर्ट के फैसले की भावना के खिलाफ होगा। चूंकि इस तरह की परियोजना के लिए केंद्र सरकार की अनुमति आवश्यक होती है, इसलिए विजय ने पीएम मोदी से जल शक्ति मंत्रालय को इस बांध के निर्माण की अनुमति न देने का निर्देश जारी करने का अनुरोध किया।
इससे पहले कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने घोषणा की थी कि उनका राज्य जल्द ही केंद्र सरकार को मेकेदातु परियोजना के लिए एक संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट सौंपेगा और इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा। शिवकुमार ने कथित तौर पर यह भी कहा था कि तमिलनाडु को इस परियोजना का विरोध करने का कोई अधिकार नहीं है। उनके इस बयान से पड़ोसी राज्य तमिलनाडु में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी, जहां कावेरी जल को लेकर दोनों राज्यों के बीच पुराना विवाद रहा है।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री विजय ने पीएम मोदी से इस दक्षिणी राज्य में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के सेंटर फॉर एयरबोर्न सिस्टम्स की स्थापना करने का भी अनुरोध किया।