बिहार और गुजरात के बाद अब यूपी का भी नंबर आया
राष्ट्रीय खबर
लखनऊः उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में गुरुवार देर रात आए भीषण तूफान के दौरान एक निर्माणाधीन पुल के ढह जाने से कम से कम छह श्रमिकों की मौत हो गई। आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या बढ़कर आठ हो सकती है। बेतवा नदी पर बन रहा यह पुल मोराकंदार को कंदौर गाँव से जोड़ता है। यह हादसा देर रात करीब 2 बजे हुआ, जब श्रमिक पुल के एक हिस्से पर सो रहे थे। भारी बारिश और तूफान के बीच हुए इस हादसे ने निर्माण स्थल पर सुरक्षा उपायों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हमीरपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार वर्मा ने पत्रकारों को बताया, बीती रात करीब 2 बजे हमें सूचना मिली कि पुल का एक स्लैब गिर गया है और कुछ लोग उसके नीचे दबे हुए हैं। हम तुरंत मौके पर पहुंचे। एसडीआरएफ की टीम यहाँ मौजूद है और बचाव कार्य जारी है। हमने अब तक पांच शवों को बाहर निकालकर उनकी पहचान कर ली है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, गाँव में जब तूफान आया तब पुल पर काम चल रहा था। पहले पुल के कुछ हिस्से टूटे और उसके बाद उसे सहारा देने वाले खंभे भी भरभराकर गिर गए। एक स्थानीय निवासी ने बताया, कल आधी रात के आसपास बहुत तेज तूफान आया, जिससे हम सबकी नींद खुल गई। मेरे गाँव से करीब 400 मीटर दूर यह पुल बन रहा था, जहाँ रात भर काम चल रहा था। तूफान के कारण इसके हिस्से टूटकर गिर गए, जिससे सपोर्ट पिलर भी टूट गए और पूरा ढांचा ढह गया। पुल की रखवाली कर रहे हमारे दो गार्ड मलबे में दब गए और उनकी मौत हो गई। अनुमान है कि चार मजदूर भी इसमें शामिल थे — जिनमें से दो का पता चल गया है और दो के अभी भी फंसे होने की आशंका है। ऐसा लगता है कि यह हादसा तूफान की वजह से हुआ है।
इस हादसे में जान गंवाने वाले सबसे कम उम्र के पीड़ित की पहचान उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के चिल्ला गाँव के 19 वर्षीय कुलदीप निषाद के रूप में हुई है। हमीरपुर के सर्किल ऑफिसर राजेश कमल ने बताया, दो और मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि एक अब भी फंसा हुआ है और उसे बचाने के प्रयास जारी हैं।