नीट यूजी पेपर लीक मामले में जांच अब भी जारी
राष्ट्रीय खबर
मुंबईः राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले की गहन जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने रविवार को महाराष्ट्र के लातूर शहर में स्थित रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस के मुख्य कार्यालय पर छापेमारी की। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों की एक विशेष टीम ने दोपहर के समय शहर के शिवनगर इलाके में स्थित आरसीसी के परिसर में तलाशी अभियान शुरू किया, जो देर शाम तक लगातार जारी रहा। इससे पहले, इसी केंद्रीय एजेंसी ने शुक्रवार (15 मई, 2026) को इसी इलाके में स्थित आरसीसी के संस्थापक शिवराज मोटेगांवकर के आवास पर उनसे लगभग आठ घंटे तक कड़ी पूछताछ की थी।
सूत्रों ने बताया कि सीबीआई को इस बात का पुख्ता संदेह है कि लातूर के कुछ स्थानीय डॉक्टरों ने कथित रूप से लीक हुए नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र को भारी रकम देकर खरीदा था। इस रैकेट की जड़ों तक पहुँचने के लिए सीबीआई की एक विशेष टीम पिछले चार दिनों से लातूर में डेरा डाले हुए है और संदिग्धों पर पैनी नजर रख रही है।
इस केंद्रीय संघीय एजेंसी ने पेपर लीक मामले में एक औपचारिक प्राथमिकी दर्ज की है और 3 मई को आयोजित हुई इस परीक्षा को रद्द किए जाने के बाद से ही विभिन्न राज्यों में जांच के लिए कई टीमों का गठन किया है। गौरतलब है कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी द्वारा देश भर में आयोजित की जाने वाली इस राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) को भारत के 551 शहरों और विदेशों में स्थित 14 केंद्रों पर एक साथ आयोजित किया गया था। इस बेहद महत्वपूर्ण परीक्षा के लिए देश भर से लगभग 23 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने अपना पंजीकरण कराया था।
एनटीए के अनुसार, परीक्षा संपन्न होने के चार दिन बाद यानी 7 मई की शाम को इस कथित धांधली और कदाचार के संबंध में शुरुआती इनपुट्स प्राप्त हुए थे। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि इन जानकारियों को स्वतंत्र सत्यापन और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए अगली ही सुबह केंद्रीय जांच एजेंसियों को सौंप दिया गया था। नीट पेपर लीक मामले के तार जुड़ने के बाद से सीबीआई अब तक महाराष्ट्र से कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इसी कड़ी में, केंद्रीय एजेंसी ने शनिवार (16 मई, 2026) को दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में लंबी पूछताछ के बाद पुणे की एक बायोलॉजी लेक्चरर मनीषा गुरुनाथ मंधारे को गिरफ्तार किया था। मंधारे राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी की प्रश्नपत्र तैयार करने वाली विशिष्ट समिति (पेपर-सेटिंग कमेटी) की सदस्य थीं, जिनकी गिरफ्तारी को इस जांच में एक बड़ी कड़ी माना जा रहा है।