दो इंदिरा गारंटियों को तत्काल पूरा करने का एलान किया
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दस साल बाद सत्ता में वापसी हुई
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कैबिनेट में कुल बीस मंत्री शामिल
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कांग्रेस के बड़े नेता वहां मौजूद रहे
राष्ट्रीय खबर
तिरुवनंतपुरम: वी. डी. सतीशन ने सोमवार को तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में केरल के नए मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। इसके साथ ही राज्य में एक दशक (10 साल) के लंबे अंतराल के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे की सत्ता में भव्य वापसी हुई है। केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने सतीशन और उनके 20 सदस्यीय मंत्रिपरिषद को आधिकारिक रूप से शपथ दिलाई। नवनिर्वाचित कैबिनेट की खास बात यह है कि इसमें शामिल 14 मंत्री पहली बार मंत्री पद की शपथ ले रहे हैं, जो सरकार में नए चेहरों और युवाओं की भागीदारी को दर्शाता है।
इस ऐतिहासिक भव्य शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कांग्रेस शासित राज्यों के कई दिग्गज नेता शामिल हुए। मंच पर निवर्तमान मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और भाजपा नेता राजीव चंद्रशेखर भी उपस्थित थे। शपथ लेने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने दलीय राजनीति से ऊपर उठकर मंच पर मौजूद सभी दलों के नेताओं का गर्मजोशी से अभिवादन किया।
नयी कैबिनेट में रमेश चेन्निथला, के. मुरलीधरन और केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सनी जोसेफ जैसे वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को शामिल किया गया है। इसके अलावा, यूडीएफ के प्रमुख सहयोगी दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के हिस्से में पांच मंत्री पद आए हैं, जिनमें पी. के. कुन्हालीकुट्टी, के. एम. शाजी, पी. के. बशीर, एन. शमसुद्दीन और वी. ई. अब्दुल गफूर शामिल हैं। सरकार के नए कार्यकाल की शुरुआत के साथ ही यूडीएफ ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा जैसी दो प्रमुख इंदिरा गारंटियों (कल्याणकारी योजनाओं) को तत्काल प्रभाव से लागू करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
मंत्रिमंडल के अन्य मंत्रियों में मोंस जोसेफ, शिबू बेबी जॉन, अनूप जैकब, सी. पी. जॉन, ए. पी. अनिलकुमार, टी. सिद्दीकी, पी. सी. विष्णुनाथ, रोजी एम. जॉन, बिंदु कृष्णा, एम. लिज्जू, के. ए. तुलसी और ओ. जे. जनीश शामिल हैं। सतीशन ने तिरुवंचूर राधाकृष्णन को विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर), शनीमोल उस्मान को उपाध्यक्ष (डिप्टी स्पीकर) और अपू जॉन जोसेफ को सरकार का मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) घोषित किया है।
केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा सीटों के लिए हुए चुनावों में यूडीएफ ने 102 सीटों पर शानदार जीत दर्ज करते हुए पूर्ण बहुमत का निर्णायक जनादेश हासिल किया है। इसमें कांग्रेस 63 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में उभरी, जबकि आईयूएमएल ने 22 सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं, लगातार दो बार सत्ता में रहने वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चे की सीटें घटकर महज 35 रह गईं, और भाजपा के खाते में तीन सीटें आईं। लगातार दो बार एलडीएफ के शासन के बाद केरल में कांग्रेस की इस दमदार वापसी का मुख्य श्रेय वी. डी. सतीशन के आक्रामक और कुशल नेतृत्व को दिया जा रहा है। कांग्रेस के भीतर गहन आंतरिक विचार-विमर्श के बाद उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए चुना गया।