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नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने लगातार जांच के बाद सफलता पायी

भारत-म्यांमार ड्रग सिंडिकेट का सरगना गिरफ्तार

  • दिल्ली में ही बैठा था गिरोह का सरगना

  • कई राज्यों में फैला है सिंडिकेट का जाल

  • कई देशों में उसका खिलाफ मामला दर्ज है

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने भारत-म्यांमार सीमा पर सक्रिय अब तक के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क में से एक के मुख्य सरगना को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। एनसीबी द्वारा रविवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, थाचिनतुआंग उर्फ चिंतुआंग उर्फ लुआंगा को हाल ही में दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी को व्यापक निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने, विभिन्न राज्यों के बीच बेहतर तालमेल और लगातार किए गए फॉलो-अप ऑपरेशन्स के बाद अंजाम दिया गया है।

पूर्वोत्तर भारत में तैनात एनसीबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया, चिंतुआंग म्यांमार-मिजोरम-मणिपुर-असम-त्रिपुरा कॉरिडोर पर सक्रिय सबसे बड़े और खतरनाक तस्करों में से एक के रूप में उभरा था। जांच में उसकी पहचान म्यांमार से संचालित होने वाले मेथामफेटामाइन और हेरोइन जैसे अत्यधिक नशीले पदार्थों के एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आपूर्तिकर्ता के रूप में की गई थी।

अधिकारी ने आगे बताया, अब तक की जांच से यह साफ हुआ है कि वह सीमा पार से बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले नेटवर्क को संगठित करने में गहराई से शामिल था। वह म्यांमार से नशीले पदार्थों की बड़ी खेपों को मिजोरम, मणिपुर, असम और त्रिपुरा के रास्तों से भारत के विभिन्न हिस्सों तथा पड़ोसी देश बांग्लादेश में सप्लाई करने का मुख्य सूत्रधार था। चिंतुआंग मादक पदार्थ और साइकोट्रोपिक पदार्थ अधिनियम के तहत एनसीबी और देश की कई अन्य ड्रग कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा दर्ज किए गए कई मामलों में लंबे समय से वांछित (मोस्ट वांटेड) अपराधी था।

मामले की गहन जांच से यह भी खुलासा हुआ है कि चिंतुआंग साल 2025 में मिजोरम की चंफाई पुलिस द्वारा दर्ज किए गए एनडीपीएस के दो अन्य मामलों में भी मुख्य आरोपी है। ये मामले संदिग्ध रूप से मेथामफेटामाइन और हेरोइन की तस्करी से जुड़े हुए थे। इसके अतिरिक्त, वह साल 2023 में मिजोरम के उत्पाद शुल्क और नारकोटिक्स विभाग द्वारा हेरोइन तस्करी की गतिविधियों को लेकर दर्ज किए गए छह अलग-अलग एनडीपीएस मामलों में भी सीधे तौर पर संलिप्त पाया गया था। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि चिंतुआंग की इस गिरफ्तारी से पूर्वोत्तर भारत में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय ड्रग रैकेट की कमर टूटेगी और आने वाले दिनों में इस सिंडिकेट से जुड़े कई और बड़े चेहरों का पर्दाफाश हो सकेगा।