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सीएम का फैसला हाईकमान की जिम्मेदारी

केरलम कांग्रेस ने एक लाइन के प्रस्ताव को पारित किया

तिरुअनंतपुरमः केरलम में एक दशक के अंतराल के बाद सत्ता में वापसी करने वाली कांग्रेस पार्टी ने मुख्यमंत्री पद के चयन के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। तिरुवनंतपुरम स्थित इंदिरा भवन में आयोजित कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से एक पंक्ति का प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री के नाम का अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान पर छोड़ दिया गया है। यह महत्वपूर्ण बैठक अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षकों—मुकुल वासनिक और अजय माकन—की उपस्थिति में संपन्न हुई। केरलम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सनी जोसेफ ने प्रस्ताव पेश किया, जिसे नवनिर्वाचित विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने एकमत से स्वीकार कर लिया।

बैठक के दौरान दोनों केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने सभी 63 नवनिर्वाचित विधायकों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनकी प्राथमिकताओं को दर्ज किया। सूत्रों के अनुसार, इन गुप्त रायशुमारियों और विधायकों की पसंद के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे अगले दो दिनों में कांग्रेस अध्यक्ष को सौंपा जाएगा।

केरलम के अगले मुख्यमंत्री के रूप में वर्तमान में तीन दिग्गज नेताओं के नाम सबसे आगे चल रहे हैं। वी.डी. सतीशन निवर्तमान विधानसभा में विपक्ष के नेता, जिन्होंने पार्टी को एकजुट रखने में अहम भूमिका निभाई। रमेश चेन्निथला पूर्व केपीसीसी प्रमुख और राज्य के कद्दावर नेता तथा के.सी. वेणुगोपाल: एआईसीसी महासचिव और अलाप्पुझा के सांसद, जिनकी गिनती पार्टी के शीर्ष रणनीतिकारों में होती है। इनके अतिरिक्त, वी.एम. सुधीरण और के. सुधाकरण जैसे वरिष्ठ नेताओं ने भी पर्यवेक्षकों के साथ परामर्श किया है।

2026 के केरलम विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने व्यक्तिगत रूप से 63 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की है। वहीं, उसके नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन ने कुल 102 सीटों पर कब्जा जमाया है। इस प्रचंड बहुमत के साथ यूडीएफ ने माकपा के नेतृत्व वाले एलडीएफ को सत्ता से बेदखल कर दिया है, जो पिछले 10 वर्षों से राज्य में शासन कर रहा था। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पार्टी अध्यक्ष विधायकों की राय और चुनावी प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए अगले 48 घंटों में मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा कर सकते हैं।