Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Haryana News: मानवाधिकार आयोग का कड़ा फैसला; हरियाणा के हर जिले में सरकारी शव वाहन अनिवार्य, सरकार क... Panipat News: पानीपत में शर्मनाक! आपत्तिजनक वीडियो बनाकर सालों से रेप कर रहा था एक्स बॉयफ्रेंड; पति ... Crime News: पार्टी से लौटे युवक की खेत में मिली लाश; हत्या या आत्महत्या? गुत्थी सुलझाने में जुटी पुल... सत्ता का दुरुपयोग करने वालों के लिए सबक: खेड़ा Panchkula Police Action: दिल्ली से चल रहे फर्जी कॉल सेंटर नेटवर्क का भंडाफोड़; लाखों की ठगी करने वाल... तृणमूल कांग्रेस की चुनाव आयोग के खिलाफ याचिका खारिज देश भर के अधिकांश मोबाइलों में बजा सायरन बंगाल के चौबीस परगना की दो सीटों पर दोबारा वोट विरोध और उकसावे के बीच बड़ा अंतर होता है भाजपा का दांव अब भाजपा पर आजमा रही है आप

कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोत्तरी

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की आशंका सच साबित हो गयी

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: व्यावसायिक गतिविधियों के लिए उपयोग होने वाले 19 किलोग्राम के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 1 मई से 993 रुपये की भारी बढ़ोतरी की गई है। इस वृद्धि के साथ ही दिल्ली में अब एक सिलेंडर की कीमत 2,078.50 से बढ़कर 3,071.50 रुपये हो गई है। आर्थिक राजधानी मुंबई में भी कीमतें 2,031 से उछलकर 3,024 रुपये पर पहुंच गई हैं। हालांकि, आम जनता को राहत देते हुए घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। याद दिला दें कि काफी पहले ही ईरान युद्ध के बारे में बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा था कि चुनाव खत्म होते ही गैस के दाम बढ़ाये जाएंगे।

28 फरवरी को ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में यह तीसरी बड़ी वृद्धि है। मार्च में 144 रुपये की बढ़ोतरी। अप्रैल में लगभग 200 रुपये की बढ़ोतरी और यह पहली मई का नया फरमान है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की इन बढ़ती कीमतों का सीधा असर रेस्टोरेंट, ढाबों और खाद्य वितरण उद्योग पर पड़ेगा। लागत बढ़ने के कारण बाहर खाना और ऑनलाइन फूड डिलीवरी महंगी होने की पूरी संभावना है। एलपीजी के विपरीत, पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों को फिलहाल स्थिर रखा गया है, जिससे आम वाहन चालकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार की अस्थिरता से सुरक्षा मिली है। दूसरी ओर, केंद्र सरकार ने 1 मई 2026 से प्रभावी होने वाले डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल के निर्यात शुल्क में संशोधन किया है। डीजल निर्यात में अब 23 प्रति लीटर का शुल्क लगेगा (विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क के रूप में)।

एटीएफ (हवाई ईंधन) के निर्यात पर 33 रुपये प्रति लीटर की लेवी लगाई गई है। पेट्रोल के निर्यात पर कोई शुल्क नहीं रखा गया है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, ये नई दरें अगले पखवाड़े तक प्रभावी रहेंगी। वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी उठापटक के बीच घरेलू आपूर्ति सुनिश्चित करने और राजस्व प्रबंधन के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।