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सीरिया ने अपने पूर्व खुफिया अधिकारी को गिरफ्तार किया

एक नरसंहार का पुराना वीडियो लीक होने पर कार्रवाई

एजेंसियां

दमिश्कः सीरियाई अधिकारियों ने शुक्रवार को घोषणा की कि उन्होंने एक पूर्व खुफिया अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया है, जो चार साल पहले लीक हुए एक भयावह वीडियो में नजर आया था। उस वीडियो में कथित तौर पर उसे और उसके साथियों को देश के गृहयुद्ध के दौरान दर्जनों लोगों की बेरहमी से हत्या करते हुए दिखाया गया था।

आंतरिक मंत्रालय के अनुसार, अमजद यूसुफ को मध्य प्रांत हमा से गिरफ्तार किया गया, जहां वह छिपा हुआ था। मंत्रालय ने उसकी एक तस्वीर भी साझा की है जिसमें वह जेल की धारीदार वर्दी में नजर आ रहा है। दिसंबर 2024 में विद्रोहियों द्वारा पूर्व राष्ट्रपति बशर असद को सत्ता से बेदखल किए जाने के बाद से, उनकी सुरक्षा एजेंसियों के दर्जनों सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिन पर युद्ध के दौरान अत्याचार करने के आरोप हैं। गौरतलब है कि असद अब रूस में शरण लिए हुए हैं।

सीरियाई संघर्ष की शुरुआत मार्च 2011 में सरकार विरोधी प्रदर्शनों से हुई थी, जिसने बाद में एक भीषण गृहयुद्ध का रूप ले लिया। इस युद्ध में करीब पांच लाख लोग मारे गए और 10 लाख से अधिक घायल हुए। यूसुफ उन सुरक्षा एजेंटों में से एक था जो 2022 में लीक हुए वीडियो में दिखाई दिया था, जिसमें आंखों पर पट्टी बंधे और बंधे हुए दर्जनों पुरुषों को गोली मारकर एक खाई में फेंकते हुए दिखाया गया था।

सीरिया के लिए अमेरिकी विशेष दूत टॉम बैराक ने एक्स पर पोस्ट किया कि यह गिरफ्तारी जवाबदेही की दिशा में एक सशक्त कदम है। उन्होंने इसे असद के बाद के सीरिया में न्याय के नए प्रतिमान का उदाहरण बताया, जो कानून के शासन और राष्ट्रीय सुलह पर आधारित है। संयुक्त राष्ट्र में सीरिया के राजदूत इब्राहिम ओलाबी ने न्यूयॉर्क में संवाददाताओं से कहा कि यह एक बड़ी उपलब्धि है और संकल्प लिया कि हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक हम कमान श्रृंखला के उच्चाधिकारियों तक नहीं पहुंच जाते।

लीक हुआ 6 मिनट 43 सेकंड का यह वीडियो कुख्यात मिलिट्री इंटेलिजेंस ब्रांच 227 के सदस्यों को दमिश्क के उपनगर तदामोन में करीब 40 कैदियों के साथ दिखाता है। वीडियो में दिख रहा है कि कैदियों के हाथ पीछे बंधे हैं और आंखों पर पट्टियां हैं। बंदूकधारी उन्हें एक-एक करके टायरों से भरी खाई के किनारे खड़ा करते हैं और गोली मार देते हैं। वीडियो के अंत में वे साक्ष्य मिटाने के लिए शवों को आग लगा देते हैं। ओलाबी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन अपराधियों को शरण न देने का आह्वान करते हुए कहा, हमारा संदेश स्पष्ट है—आप भाग सकते हैं, लेकिन न्याय से कभी बच नहीं सकते।