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प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत मतदाता सूची जारी

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी के बाद अब चुनाव आयोग की कार्रवाई

  • पहले दौर में लाखों नाम हटाये गये थे

  • सुप्रीम कोर्ट ने मामले में हस्तक्षेप किया

  • पहले चरण में वोट डाल सकेंगे लोग

राष्ट्रीय खबर

कोलकाताः पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के मतदान से ठीक एक दिन पहले, निर्वाचन आयोग ने बुधवार को उन मतदाताओं की बूथवार सूची जारी कर दी है जिन्हें ट्रिब्यूनल ने मतदान के लिए पात्र घोषित किया है। यह कदम उन नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत बनकर आया है, जिनके नाम विशेष गहन संशोधन के दौरान मतदाता सूची से हटा दिए गए थे। अब ये पात्र नागरिक गुरुवार को होने वाले पहले चरण के मतदान में अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।

निर्वाचन आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर दो अलग-अलग सूचियाँ अपलोड की हैं। पहली सूची उन मतदाताओं की है जिनके नाम ट्रिब्यूनल के आदेश के बाद बहाल कर दिए गए हैं, जबकि दूसरी सूची उन लोगों की है जो अभी भी मतदाता सूची से बाहर हैं। हालांकि, आयोग ने अभी तक नाम जोड़े जाने और हटाए जाने वाले मतदाताओं की कुल संख्या का खुलासा नहीं किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, शाम तक व्यापक आंकड़े उपलब्ध होने की संभावना है।

मतदाता आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने विधानसभा क्षेत्र और बूथ नंबर का चयन करके इन सूचियों की जांच कर सकते हैं। जिन बूथों के लिए ट्रिब्यूनल ने कोई निर्णय नहीं लिया है, वहां के लिए कोई सूची जारी नहीं की गई है। जिन व्यक्तियों ने सूची में अपना नाम न पाकर ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटाया था, वे अपने एपिक नंबर का उपयोग करके ऑनलाइन अपनी स्थिति सत्यापित कर सकते हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों के नाम इस नवीनतम सूची में शामिल हैं, वे गुरुवार को पहले चरण के मतदान में वोट डालने के पात्र होंगे।

यह पूरी प्रक्रिया उच्चतम न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद संभव हुई है। संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का उपयोग करते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने व्यवस्था दी थी कि मतदान से दो दिन पहले तक ट्रिब्यूनल द्वारा पात्र घोषित किए गए मतदाताओं को वोट डालने की अनुमति दी जाएगी। इसी आदेश के अनुपालन में, चुनाव आयोग को 152 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए पहले चरण के मतदान से पूर्व 21 अप्रैल तक अद्यतन सूची प्रकाशित करने का निर्देश दिया गया था।