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कर्नाटक के आईएएस ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार के ठिकानों पर की छापेमारी

केपीएससी घोटाला की जांच में अब अफसर के ठिकानों पर रेड

बेंगलुरुः कर्नाटक लोक सेवा आयोग में सामने आए कथित भर्ती घोटालों और गंभीर अनियमितताओं के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी जांच का दायरा काफी व्यापक करते हुए रविवार को एक बड़ी और सनसनीखेज कार्रवाई को अंजाम दिया। केंद्रीय एजेंसी ने इस बहुचर्चित मामले के सिलसिले में 2016 बैच के कर्नाटक कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार के कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। आधिकारिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार इस हाई-प्रोफाइल मामले में जांच के दायरे में आने वाले अब तक के सबसे पहले और शीर्ष स्तर के वरिष्ठ नौकरशाह हैं, जिससे प्रशासनिक हलकों में भारी हड़कंप मच गया है।

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के भारी सुरक्षा बलों के साथ ईडी के जांच अधिकारी रविवार दोपहर को बेंगलुरु के पॉश जयमहल रोड पर स्थित आईएएस अधिकारी गंगवार के आधिकारिक आवास पर तीन अलग-अलग गाड़ियों में पहुंचे। हालांकि, शुरुआती दौर में वहां तैनात सुरक्षा कर्मचारियों ने प्रशासनिक और सुरक्षा नियमों का हवाला देते हुए अधिकारियों को इमारत के मुख्य परिसर के अंदर प्रवेश करने से रोक दिया और कहा कि उन्हें इस संबंध में पहले गंगवार से स्पष्ट निर्देश प्राप्त करने होंगे। इसके बाद ईडी की टीम को करीब दो घंटे तक बाहर ही लंबा इंतजार करना पड़ा। कथित तौर पर अधिकारी गंगवार द्वारा फोन पर अपने सुरक्षा कर्मियों को हरी झंडी दिए जाने के बाद ही जांच टीम अंदर प्रवेश कर पाई। बेंगलुरु के अलावा उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित उनके पैतृक आवास पर भी एक साथ छापेमारी की गई, जिससे इस पूरी कार्रवाई का दायरा बढ़ गया।

जांच एजेंसियों के अनुसार, ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार ने फरवरी 2024 से लेकर मार्च 2026 तक केपीएससी में परीक्षा नियंत्रक के रूप में एक बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली थी, जिसके बाद इसी साल जून में उनका तबादला कर उन्हें एमएसएमई विभाग में निदेशक के पद पर नियुक्त किया गया था। गौरतलब है कि कर्नाटक लोक सेवा आयोग राज्य में सरकारी नौकरियों के लिए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं का सफल संचालन करता है, लेकिन हाल ही में पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती परीक्षा के अंतिम चयन परिणामों में बड़े पैमाने पर धांधली और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगने के बाद यह आयोग लगातार जांच के घेरे में बना हुआ है।

यह पूरी छापेमारी ऐसे समय में सामने आई है जब इसके ठीक एक दिन पहले मीडिया में यह सनसनीखेज खबरें जोर-शोर से फैली थीं कि आईएएस अधिकारी गंगवार 20 अगस्त को बेंगलुरु से दिल्ली की एक उड़ान भरने के बाद से पूरी तरह से रहस्यमय तरीके से लापता हैं और किसी के संपर्क में नहीं आ रहे हैं। इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी थी, जिसके बाद राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे को खुद आगे आकर यह स्पष्टीकरण देना पड़ा था कि अधिकारी किसी अचानक उत्पन्न हुई पारिवारिक आपातकाल के कारण अपने निजी आवास पर गए थे। बहरहाल, ईडी की इस ताजा और कड़ी कार्रवाई से आने वाले दिनों में केपीएससी भर्ती घोटाले से जुड़े कई अन्य बड़े और चौंकाने वाले खुलासे होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।